नई दिल्ली : गर्मियों की तपती धूप न सिर्फ असहनीय होती है, बल्कि सेहत के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है. कई लोग जब दोपहर में बाहर निकलते हैं, तो उन्हें चक्कर आने, सिर भारी होने या कमजोरी महसूस होने लगती है. ये लक्षण सिर्फ गर्मी से थकान के नहीं, बल्कि शरीर में पानी और नमक की कमी के संकेत हो सकते हैं.
अगर आपको भी तेज धूप में चक्कर आने की समस्या होती है, तो घबराएं नहीं. समझदारी से कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर आप खुद को राहत दे सकते हैं और गंभीर स्थिति से बच सकते हैं.
गर्मी के मौसम में जब शरीर बहुत पसीना बहाता है, तो उसके साथ इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की भी कमी हो जाती है. यही कारण है कि तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना आम बात हो जाती है.
इसके अलावा, जब शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है तो ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जिससे अचानक चक्कर आने लगता है.
मेरठ के डॉक्टर त्रेहन प्रशांत के मुताबिक, अगर तेज धूप में अचानक चक्कर आए तो घबराने की जरूरत नहीं है. तुरंत ये स्टेप्स अपनाएं:
किसी पेड़, दुकान या बिल्डिंग के साये में चले जाएं ताकि शरीर पर सीधी धूप ना पड़े.
बैठकर कुछ देर तक गहरी सांस लेने से शरीर को ऑक्सीजन मिलती है और आपको थोड़ी राहत महसूस होती है.
डिहाइड्रेशन से राहत पाने के लिए सबसे बेहतर है पानी या नींबू-पानी पीना. अगर ओआरएस घोल मिल जाए, तो और भी अच्छा है.
चेहरे और गर्दन पर ठंडे पानी की पट्टी रखें या चेहरा धो लें. इससे शरीर का तापमान थोड़ा कम हो जाएगा.
अगर आपने टाइट कपड़े पहने हैं, तो उन्हें थोड़ा ढीला करें ताकि ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहे और शरीर को राहत मिले.
अगर चक्कर के साथ-साथ उल्टी, तेज सिरदर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो ये मामूली बात नहीं है. ऐसे में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें.
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें.
बाहर जाएं तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें.
हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें.
दिन भर में खूब पानी पिएं (कम से कम 8-10 गिलास).
नींबू-पानी, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन करें.