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लकड़ी के बर्तन दिखते हैं खूबसूरत, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी थाली में जहर भी मिला सकते हैं?

Kitchen Tips: लकड़ी के बर्तन दिखने में भले ही सुंदर और नेचुरल लगें, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही बर्तन आपकी सेहत के लिए छुपा हुआ खतरा बन सकते हैं? जानिए कैसे ये मासूम दिखने वाले बर्तन आपकी थाली में जहर घोल सकते हैं…

👤 Sanskriti 15 May 2025 08:05 AM

नई दिल्ली : लकड़ी के बर्तन जैसे चम्मच, स्पैचुला, कटोरे और प्लेट दिखने में भले ही नेचुरल और एलिगेंट लगें, लेकिन अगर आप इन्हें ठीक से साफ और स्टोर नहीं करते, तो ये आपके किचन के सबसे खतरनाक आइटम बन सकते हैं. डाइटीशियन श्वेता जे पांचाल के अनुसार, गलत इस्तेमाल से लकड़ी के बर्तनों में खतरनाक बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. तो चलिए जानते हैं कि किन बीमारियों का खतरा होता है और कैसे करें इन बर्तनों की सही देखभाल.

बैक्टीरिया का घर बन सकते हैं लकड़ी के बर्तन

लकड़ी के अंदर मौजूद सूक्ष्म छिद्र (पोरस सरफेस) नमी को सोख लेते हैं. अगर इन्हें ठीक से नहीं सुखाया गया, तो ये E. coli और Salmonella जैसे बैक्टीरिया को पनपने का मौका देते हैं, जो पेट दर्द, डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं.

फफूंदी और फंगस 

नमी और गंदगी लकड़ी में लंबे समय तक बनी रहे तो उसमें फंगस या फफूंदी लग सकती है. ये एलर्जी, स्किन इंफेक्शन और सांस से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकती है.

 टॉक्सिक केमिकल

पुराने और दरार पड़े लकड़ी के बर्तन, जब गर्म खाने के संपर्क में आते हैं, तो उनमें जमी गंदगी से टॉक्सिन्स निकल सकते हैं. ये जहरीले तत्व सीधा आपके खाने में मिल जाते हैं.

क्रॉस-कंटैमिनेशन से खाना जल्दी खराब

लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड या चम्मच पर अगर आप मीट, अंडा या मछली काटते हैं और उन्हें सही से साफ नहीं करते, तो अगली बार इस्तेमाल पर ये बैक्टीरिया बाकी खाद्य सामग्री में मिल सकते हैं, जिससे खाना जल्दी खराब होता है.

 एंटीबायोटिक रेसिस्टेंट बैक्टीरिया का खतरा

कुछ स्टडीज में ये बात सामने आई है कि लकड़ी के बर्तनों में ऐसे बैक्टीरिया भी पनप सकते हैं जो सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं पर असर नहीं करते- जिससे संक्रमण का इलाज और भी मुश्किल हो सकता है.

 लकड़ी के बर्तनों को कैसे रखें साफ  

लकड़ी के बर्तनों को हर इस्तेमाल के बाद गर्म पानी और हल्के साबुन से धोना चाहिए. ज्यादा देर पानी में न भिगोएं- इससे लकड़ी फूल सकती है या टूट सकती है.

गीले बर्तनों को बंद जगह या दराज में रखने से उनमें फफूंदी लग सकती है. इन्हें धोने के बाद सूती कपड़े से पोंछें और धूप या खुली हवा में पूरी तरह सूखने दें.

लकड़ी को सूखने और दरार से बचाने के लिए उस पर महीने में एक बार मिनरल ऑयल या नारियल तेल लगाएं. इससे उसकी चमक बनी रहेगी और वह नमी और दाग नहीं सोखेगा.