जी हां! हर साल 18 जून को इंटरनेशनल पिकनिक डे (International Picnic Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को तकनीक से थोड़ी दूरी बनाकर प्रकृति के करीब लाना और रिश्तों में मिठास भरना है.
‘पिकनिक’ शब्द की जड़ें फ्रांस में हैं. इतिहास बताता है कि फ्रेंच रिवोल्यूशन (1800s) के बाद आम लोग रॉयल गार्डन्स में जाकर खुलकर एंजॉय करने लगे थे. वे अपने साथ खाना लेकर जाते और एक-दूसरे के साथ खुली जगहों पर वक्त बिताते.
धीरे-धीरे ये एक ट्रेडिशन बन गया और फिर इसे ‘पिकनिक’ कहा जाने लगा. यही विचार आज भी इंटरनेशनल पिकनिक डे के रूप में जिंदा है.
अगर आप इस बार के पिकनिक डे को और भी यादगार बनाना चाहते हैं, तो कुछ सिंपल चीजें आपकी मदद कर सकती हैं:
लोकेशन चुनें: कोई शांत, हरियाली भरी और ट्रैफिक फ्री जगह चुनें खुद से खाना बनाएं: टिफिन में घर का बना खाना एक अलग ही अपनापन लाता है गेम्स और म्यूजिक: कुछ हल्के-फुल्के गेम्स या एक स्पीकर मूड फ्रेश कर सकते हैं फोटोज नहीं, मोमेंट्स बनाएं: हर पल को कैप्चर करने से बेहतर है उसे जीना
वाराणसी से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित ये वॉटरफॉल नेचर लवर्स के लिए बेस्ट स्पॉट है. झरने की कलकल आवाज, हरे-भरे पेड़ और ठंडी हवाएं आपको शहर की भागदौड़ से दूर एक नई ऊर्जा देंगी. दोस्तों और फैमिली के साथ दिन बिताने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन.
दिल्ली के दिल में बसा ये गार्डन इतिहास और प्रकृति का अद्भुत मेल है. यहां बनीं सैयद व लोधी शासकों की कब्रें, रंग-बिरंगे फूल और खुले लॉन्स इस जगह को खास बनाते हैं. अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो लोधी गार्डन परफेक्ट वन-डे पिकनिक स्पॉट है.
रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित दसम फॉल उन लोगों के लिए है जो भीड़ से दूर नेचर की गोद में वक्त बिताना चाहते हैं. 144 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास की शांति और प्राकृतिक सुंदरता इसे झारखंड का हिडन गेम बनाते हैं.
अगर आप लखनऊ के आसपास रहते हैं, तो कुकरैल फॉरेस्ट एक बढ़िया ऑपश्न है. यहां बच्चों के लिए जानवरों की जानकारी से लेकर साइकिलिंग तक कई एक्टिविटीज मौजूद हैं. फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए ये जगह बिल्कुल फिट बैठती है.