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IPL 2026: आदित्य बिरला ग्रुप ने खरीदी RCB… 16,000 करोड़ रुपये में लिया IPL और WPL की टीमों का मालिकाना हक

RCB: आदित्य बिरला ग्रुप ने टाइम्स ऑफ इंडिया, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन के साथ मिलकर RCB फ्रेंचाइजी 1.78 बिलियन डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) में खरीदी। नए मालिक अब मेंस और वीमेंस टीम दोनों के लिए जिम्मेदार होंगे।

👤 Ashwani Kumar 25 Mar 2026 12:32 PM

Royal Challengers Bangalore: आईपीएल की दुनिया में बड़ी खबर है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) अब नए मालिकों के तहत आईपीएल 2026 में उतरेगी। आदित्य बिरला ग्रुप के नेतृत्व वाले संघ ने RCB टीम को 1.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 16,000 करोड़ रुपये में खरीदा है। इस डील में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन इन्वेस्टमेंट कंपनी भी शामिल हैं।

यूनीटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से RCB की 100% हिस्सेदारी खरीदने के साथ ही नए मालिक टीम के मेन्स और वीमेंस दोनों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

नेतृत्व संरचना में बदलाव

नई डील के तहत, आर्यमान विक्रम बिरला, जो आदित्य बिरला ग्रुप के डायरेक्टर हैं, RCB के चेयरमैन होंगे। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के सत्यन गजवानी टीम के वाइस चेयरमैन होंगे। यह संरचना टीम के प्रबंधन और रणनीति में स्थिरता लाने के लिए बनाई गई है।

आईपीएल 2026 में RCB का शेड्यूल

आरसीबी अपना पहला मैच 28 मार्च 2026 को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स और 10 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबला होगा। टीम की सबसे बड़ी चुनौती 12 अप्रैल को 5 बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ होगी।

RCB ने अब तक कुल 2 बड़ी ट्रॉफियां जीती हैं। महिलाओं की टीम ने 2024 में वीमेंस प्रीमियर लीग का खिताब जीता था, जबकि पुरुष टीम ने 2025 में IPL ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस नए मालिकाना हक के साथ, उम्मीद है कि टीम अगले सीजन में भी धमाल मचाएगी।

राजस्थान रॉयल्स और RCB डील का तुलना

इससे पहले राजस्थान रॉयल्स को काल सोमानी के नेतृत्व वाले ग्रुप ने 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,286 करोड़ रुपये में खरीदा था। RCB की डील इससे भी बड़ी है, जो दर्शाती है कि फ्रेंचाइजी का मूल्य लगातार बढ़ रहा है और आईपीएल में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। RCB के नए मालिकाना हक और मजबूत प्रबंधन के साथ आईपीएल 2026 में टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर नजरें टिकी हैं। नए निवेश और प्रशासनिक बदलाव से टीम की प्रतिस्पर्धात्मक ताकत और बाजार मूल्य दोनों बढ़ने की उम्मीद है।