भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘शून्य सहनशीलता’ नीति को वैश्विक स्तर पर मजबूत तरीके से पेश करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में भारत की सुरक्षा नीति को स्पष्ट करने के लिए रूस, स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया और स्पेन का दौरा कर रहा है।
इस आठ सदस्यीय टीम में समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मियां अल्ताफ अहमद, भाजपा सांसद कैप्टन बृजेश चौटा (सेवानिवृत्त), आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक कुमार मित्तल और पूर्व राजनयिक मंजीव एस पुरी तथा जावेद अशरफ शामिल हैं।
मॉस्को पहुंचने के बाद, सपा सांसद राजीव राय ने कहा, “रूस भारत का ऐतिहासिक और भरोसेमंद मित्र रहा है। पाकिस्तान अब सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। हम यहां भारत के पक्ष को स्पष्ट करने आए हैं ताकि वैश्विक समुदाय पाकिस्तान को अलग-थलग करने की आवश्यकता को समझे।”
नेता कनिमोझी ने भी रूस को भारत का रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल रूस के वरिष्ठ नेताओं व अधिकारियों, जैसे स्टेट ड्यूमा समिति के अध्यक्ष लियोनिद स्लटस्की, उप-विदेश मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री फ्रैडकोव से मुलाकात करेगा। इसके साथ ही, प्रतिनिधिमंडल रूस के थिंक टैंकों और मीडिया से भी संवाद करेगा।
इस अभियान के तहत भारत कुल 33 वैश्विक राजधानियों में सात बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है। यह पहल पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और भारत पर उसकी आक्रामकता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत का पक्ष मजबूती से रखने के लिए की जा रही है।
अन्य देशों में गए प्रतिनिधिमंडलों की बात करें तो, यूएई में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में और जापान में जेडी(यू) के संजय कुमार झा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गए हैं। इन दलों में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों और पूर्व राजनयिकों को शामिल किया गया है, जो भारत की एकता और सुरक्षा नीति पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।