अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की मूर्तियाँ जयपुर से रवाना हो चुकी हैं और उन्हें आज मंदिर की पहली मंजिल पर स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भक्ति कार्यक्रम 3 जून से शुरू होंगे और 5 जून तक चलेंगे। तब तक मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा। मिश्रा ने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में शेष निर्माण कार्य, जैसे परकोटा और पेशावतार मंदिर, सितंबर-अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। सप्त मंदिर, जिसमें सात मंडप और ऋषियों की मूर्तियाँ शामिल हैं, पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, मंदिर परिसर के केंद्र में बने पुष्करणी जलाशय का निर्माण भी पूरा हो गया है।
उन्होंने कहा कि 2025 के अंत तक राम मंदिर से जुड़ी सभी निर्माण परियोजनाएं, जो 2020 में शुरू हुई थीं, पूरी तरह से साकार हो जाएंगी।
राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है। इसकी लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। मंदिर को 392 खंभे और 44 भव्य दरवाजे सहारा देते हैं। खंभों और दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की सुंदर नक्काशी की गई है। भूतल पर भगवान राम के बाल स्वरूप (श्री रामलला) की मूर्ति गर्भगृह में स्थापित है।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। हनुमानगढ़ी मंदिर समेत पूरे शहर में धार्मिक उत्साह चरम पर है।
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