बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि हिंदू समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा है। ताजा मामला सिलहट जिले से सामने आया है, जहां एक हिंदू स्कूल शिक्षक के घर को आग के हवाले कर दिया गया। गनीमत रही कि शिक्षक और उनका परिवार समय रहते घर से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला के नंदिरगांव यूनियन के बहोर गांव की है। यहां रहने वाले हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डेके के घर पर कथित तौर पर कट्टरपंथी तत्वों ने हमला किया। आरोप है कि इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनके घर में आग लगा दी, जिससे घर का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया।
आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बीरेंद्र कुमार डेके और उनके परिवार के सदस्य किसी तरह घर से बाहर निकलकर जान बचाने में सफल रहे। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि घर से आग की तेज लपटें उठ रही हैं और लोग डर के मारे इधर-उधर भाग रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
इससे पहले इसी हफ्ते बांग्लादेश के फेनी जिले में एक और दर्दनाक घटना सामने आई थी। यहां 27 वर्षीय हिंदू ऑटो रिक्शा चालक समीर दास की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। समीर रविवार शाम को घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसकी लाश जगतपुर गांव के एक खेत से बरामद हुई।
जानकारी के अनुसार, पिछले 24 दिनों में हिंदू समुदाय पर हमले की यह नौवीं घटना है। अलग-अलग जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाकर हिंसा, आगजनी और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इससे देश के अल्पसंख्यक समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
भारत सरकार ने भी इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। 9 जनवरी को भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों को एक गंभीर और चिंताजनक पैटर्न बताया था। भारत ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश सरकार ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करेगी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।