भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच एक नाम तेजी से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. याल्दा हकीम (Yalda Hakim). बीबीसी और अब स्काई न्यूज की जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय पत्रकार और एंकर याल्दा हकीम ने हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और विदेश मामलों से जुड़े मंत्रियों के इंटरव्यू लिए, जिनमें उन्होंने न सिर्फ तीखे सवाल दागे बल्कि पाकिस्तान की दोहरी नीतियों को दुनिया के सामने उजागर कर दिया.
याल्दा हकीम अफगान मूल की ऑस्ट्रेलियन पत्रकार हैं. उन्होंने अफगानिस्तान से बचपन में पलायन किया और ऑस्ट्रेलिया में पली-बढ़ीं. उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ पर 'The Yalda Hakim Show' के जरिए वैश्विक मुद्दों पर गंभीर रिपोर्टिंग और साक्षात्कारों से अपनी पहचान बनाई. अब वे स्काई न्यूज की चीफ इंटरनेशनल प्रेजेंटर हैं. याल्दा को विशेष रूप से संघर्ष क्षेत्रों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है - अफगानिस्तान, यूक्रेन, ईरान और अब भारत-पाक तनाव.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब यह दावा किया कि पाकिस्तान केवल ‘रक्षात्मक’ कार्रवाई कर रहा है और भारत ने ‘पहले हमला’ किया, तो याल्दा ने उन्हें तुरंत टोकते हुए पूछा कि अगर भारत ने आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की, तो क्या पाकिस्तान आतंकियों को शरण देता है? क्या आपके पास ठोस सबूत हैं कि भारत नागरिकों को निशाना बना रहा है?'
इस सवाल पर आसिफ बौखला उठे लेकिन याल्दा ने उन्हें बार-बार तथ्यों पर लौटने को कहा. उन्होंने पाकिस्तान की नीति पर यह भी सवाल उठाया कि जब आप आतंकियों को अपनी ज़मीन से संचालित होने देते हैं तो कैसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन की उम्मीद करते हैं?
हिना रब्बानी खार- विदेश मामलों की सलाहकार हिना से उन्होंने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान अब भी आतंकी संगठनों को रणनीतिक संपत्ति मानता है?
शरीयार अफरीदी - आंतरिक मामलों के पूर्व मंत्री से उन्होंने पूछा कि पाकिस्तान के अंदरुनी इलाकों में ड्रोन और आतंकी गतिविधियों को क्यों बढ़ावा मिलता है?
शरीफ सरकार के प्रवक्ता – याल्दा ने पूछा कि भारत में नागरिकों की मौत पर पाकिस्तान में कोई निंदा क्यों नहीं होती?
आईएसपीआर के पूर्व प्रवक्ता – उनसे पूछा गया कि पाक सेना बार-बार आतंकियों से जुड़े इलाकों को ‘सुरक्षित ज़ोन’ क्यों कहती है?