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उद्धव ठाकरे के बेटे तेजस की तबीयत बिगड़ी, रिलायंस हॉस्पिटल में हुए एडमिट

Tejas Thackeray health: उद्धव ठाकरे के बेटे तेजस ठाकरे की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मुंबई के रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और इलाज के बाद से सुधार हो रहा है.

👤 Samachaar Desk 15 Feb 2026 04:15 PM

Tejas Thackeray health: उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे तेजस ठाकरे की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. मेडिकल सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है.

सूत्रों का कहना है कि तेजस पिछले तीन दिनों से एक बीमारी का इलाज करा रहे थे. हालांकि बीमारी के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक अस्पताल में उनके साथ उनके माता-पिता मौजूद हैं और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं.

परिवार अस्पताल में मौजूद

बताया जा रहा है कि सुबह के समय उद्धव ठाकरे अपने बेटे का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे. परिवार इस समय तेजस के साथ है. अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जरूरी जांच पूरी कर ली गई हैं और घबराने की कोई बात नहीं है.

कौन हैं तेजस ठाकरे?

तेजस ठाकरे, उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे हैं. वे कभी-कभी पार्टी के कार्यक्रमों और चुनाव प्रचार में नजर आए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक सक्रिय राजनीति में औपचारिक रूप से कदम नहीं रखा है.

राजनीति से अलग उनकी पहचान एक वन्यजीव शोधकर्ता और फोटोग्राफर के रूप में है. प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति उनकी खास रुचि रही है. दक्षिण भारत में खोजी गई छिपकली की एक नई प्रजाति का नाम उनके सम्मान में रखा गया था.ये प्रजाति गर्म इलाकों में पाई जाती है और रात में सक्रिय रहती है.

कम उम्र से प्रकृति में रुचि

तेजस ने कम उम्र में ही सरीसृप और उभयचर जीवों के अध्ययन के लिए यात्राएं शुरू कर दी थीं. वे अंबोली क्षेत्र में शोध कार्य के लिए गए थे, जहां उन्होंने एक नई प्रजाति की पहचान में भूमिका निभाई. बाद में उस प्रजाति को वैज्ञानिक नाम दिया गया.

इसके अलावा उन्होंने एक विशेष मछली प्रजाति का दस्तावेजीकरण भी किया. इसके लिए जरूरी अनुमतियां लेकर पूरी प्रक्रिया पूरी की गई. जैव विविधता के क्षेत्र में उनके काम की चर्चा होती रही है. बताया जाता है कि वे अब तक कई नई प्रजातियों की खोज या दस्तावेजीकरण से जुड़े रहे हैं.

रैलियों से ज्यादा जंगल पसंद

एक बार मीडिया से बातचीत में तेजस ने कहा था कि उन्होंने कई राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, लेकिन उन्हें भीड़ से ज्यादा जंगल और प्रकृति के बीच रहना पसंद है. उनका मानना है कि असली सुकून उन्हें वन्यजीवों के बीच काम करते समय मिलता है.

फिलहाल सभी की नजर उनकी सेहत पर है. डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा है और उम्मीद है कि वे जल्द ही स्वस्थ होकर घर लौटेंगे.