प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें संस्करण में विभिन्न विषयों पर देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की एक निर्णायक और साहसिक प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल हर भारतीय के भीतर गर्व और संकल्प की भावना को मजबूत किया, बल्कि दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को नया आत्मविश्वास और ऊर्जा दी है।
पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, गुस्से और संकल्प से भरा हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे जवानों ने जो पराक्रम दिखाया, उसने हर भारतीय को गौरवान्वित किया है। यह सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि भारत के बदलते आत्मविश्वास, साहस और संकल्प की तस्वीर है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस ऑपरेशन की भावना देश भर में महसूस की गई — गांवों और शहरों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं, युवाओं ने सशस्त्र बलों के सम्मान में कविताएं लिखीं, गीत गाए और कई परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने देशवासियों को भावनात्मक रूप से इतना जोड़ा कि उन्होंने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया।”
पीएम मोदी ने इस दौरान भारत में बने हथियारों और तकनीक की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा, “यह हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और आत्मनिर्भर भारत के तहत बनी स्वदेशी सैन्य शक्ति का प्रमाण है। इसके बाद देश में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना और मजबूत हुई है। लोग अब अपने बच्चों के लिए देशी खिलौने खरीदने, देश में घूमने और भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का संकल्प ले रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने केवल आतंक के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं की, बल्कि एक जन-आंदोलन को जन्म दिया — जो देशभक्ति, आत्मनिर्भरता और एकजुटता का प्रतीक बन गया।
यह अभियान 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। तीनों सेनाओं ने मिलकर एक सुनियोजित, सटीक और पेशेवर प्रतिक्रिया दी — जिससे भारत की रणनीतिक क्षमता और राष्ट्रीय संकल्प की झलक साफ दिखाई दी।