प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पुनर्विकसित किए गए इन 103 स्टेशनों में राजस्थान के आठ स्टेशन — देशनोक, गोगामेड़ी, बूंदी, मांडलगढ़, गोविंदगढ़, मंडावर-महुआ रोड, फतेहपुर शेखावाटी और राजगढ़ — शामिल हैं। इन स्टेशनों के विकास में स्थानीय वास्तुकला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
देशनोक स्टेशन पर आयोजित समारोह में आमजन, जनप्रतिनिधि और स्कूली बच्चे शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स देखीं और उनकी सराहना की। परिसर 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। पीएम मोदी ने स्टेशन परिसर में शहीदों के सम्मान में बनाई गई प्रदर्शनी गैलरी का भी अवलोकन किया।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर राजस्थान को बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, बिजली, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति से जुड़ी कई परियोजनाएं भी समर्पित कीं। उन्होंने राज्यभर में 25 परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया, जिनमें शामिल हैं:
3,240 करोड़ रुपये की लागत से 750 किमी लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों का उन्नयन
900 किमी नए राजमार्गों के निर्माण की योजना
बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाएं
राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेज
झुंझुनूं जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस नियंत्रण परियोजना
पाली जिले के सात शहरों में जल आपूर्ति योजनाओं का पुनर्गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश की सेनाओं के पराक्रम और सरकार की बुनियादी ढांचा विकास पर प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में सिर्फ 22 मिनट में आतंकियों के 9 बड़े ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी। सेना ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान घुटनों पर आ गया।" उन्होंने बताया कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत तेज और निर्णायक कार्रवाई की गई। "जब सिंदूर बारूद में बदलता है तो दुनिया और दुश्मन देख लेते हैं कि भारत कैसे जवाब देता है।"
उन्होंने 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले को याद करते हुए कहा, "उस दिन हमारे निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर निशाना बनाया गया। हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश की गई। यह केवल हमला नहीं था, यह 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान पर हमला था।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पूरे देश ने प्रण लिया कि आतंकियों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो वे कभी भूल नहीं पाएंगे। हमारी सेनाओं ने 22 मिनट में आतंकियों के शिविर तबाह कर दिए। देश ने देखा कि जब बहनों के सिंदूर पर हमला होता है, तो भारत की प्रतिक्रिया दुश्मन को अंदर तक हिला देती है।"