AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को पाकिस्तान पर करारा तंज कसा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान न सिर्फ भारत से मुकाबला करने का दिखावा करता है, बल्कि नकल करने में भी फेल हो जाता है. ओवैसी का यह बयान उस समय आया जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को एक 'ऑपरेशन बुनियान अल मर्सूस' की फोटो स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की. लेकिन वह असल में 2019 की एक चीनी सैन्य अभ्यास की तस्वीर निकली.
ओवैसी ने कुवैत में भारतीय प्रवासियों से बात करते हुए कहा, 'कल पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने अपने प्रधानमंत्री को एक फोटो दी. ये मूर्ख जोकर भारत से मुकाबला करना चाहते हैं, और 2019 के चीनी ड्रिल की फोटो देकर उसे भारत पर जीत का सबूत बता रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, 'इनसे तो एक सही तस्वीर भी नहीं बनाई जाती. नकल करने के लिए भी अक़ल चाहिए, और इनके पास वो भी नहीं है. ओवैसी के इस तंज को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी समर्थन दिया. रिजिजू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, 'पाकिस्तान की पोल खोल दी! कम से कम ओवैसी ने इस नाजुक वक्त में एक सच्चे भारतीय की तरह बोला.
खबरों के मुताबिक, असीम मुनीर ने पिछले हफ्ते एक हाई-प्रोफाइल डिनर आयोजित किया था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के राजनेताओं को वह तस्वीर भेंट की – जिसे 'भारत के खिलाफ चार दिन की जंग' में पाकिस्तान की ‘बुद्धिमत्ता’ का प्रतीक बताया गया। लेकिन जब उस फोटो की असलियत सामने आई, तो सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ का मज़ाक उड़ाया जाने लगा. नेटिज़न्स ने कहा कि पाकिस्तान "Canva और Photoshop" के ज़रिए जंग जीतना चाहता है. कई लोगों ने ओरिजिनल चीनी ड्रिल की तस्वीरें शेयर कर पाकिस्तान की पोल खोल दी.
एक यूज़र ने लिखा कि 'पाकिस्तान अब अपनी सैन्य कार्रवाई दिखाने के लिए भी चीनी ड्रिल की फोटो का इस्तेमाल कर रहा है। खुद की असली तस्वीरें भी नहीं बना सकते. शहबाज़ शरीफ और असीम मुनीर पूरे देश को बेवकूफ बना रहे हैं. गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए. इसके जवाब में भारत ने 7 और 8 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया, जिसमें पाकिस्तान और POK में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया. इस ऑपरेशन में 100 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया गया.