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एलपीजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी: क्या आपके रसोई बजट पर पड़ेगा असर, जानें यहां?

मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।

👤 Samachaar Desk 07 Mar 2026 10:25 AM

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और अस्थिर स्थिति के कारण भारत में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए का इजाफा हुआ है। इसके बाद दिल्ली में इसका मूल्य 853 रुपए से बढ़कर 913 रुपए हो गया है।

इसी तरह, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में इसका नया मूल्य 1883 रुपए और मुंबई में 1835 रुपए हो गया है। ये बढ़ोतरी आज से ही प्रभावी हो गई है। इस बढ़ती कीमत का असर सीधे उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों पर पड़ेगा, क्योंकि रसोई और होटल उद्योग में एलपीजी की मांग काफी अधिक होती है।

एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश

सरकार ने मिडिल ईस्ट की जियोपॉलिटिकल स्थिति को देखते हुए सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की रिफाइनरी शामिल हैं। इसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि घरेलू और व्यावसायिक ग्राहकों को गैस की आपूर्ति में कोई कमी न आए। इससे बाजार में अचानक गैस की कमी होने या कीमतें और बढ़ने की संभावना कम हो जाएगी।

भारत को ऊर्जा संकट की चिंता नहीं

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत फिलहाल ऊर्जा संकट का सामना नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में अस्थिर स्थिति के बावजूद देश में पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्रूड ऑयल की आपूर्ति में किसी भी रुकावट की स्थिति में भारत सुरक्षित रहेगा।

पर्याप्त गैस और तेल के भंडार

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास एलपीजी, क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यदि गल्फ क्षेत्र से सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो तेल कंपनियां अन्य देशों से इंपोर्ट करके आपूर्ति को बनाए रख सकती हैं। इस वजह से देश में किसी भी प्रकार की ऊर्जा कमी होने की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

कच्चे तेल की आपूर्ति पर युद्ध का असर

ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। यह मार्ग दुनिया में कच्चे तेल के लिए बेहद जरूरी है। अगर ये मार्ग बंद रहता है, तो तेल की आपूर्ति में रुकावट आ सकती है और इससे दाम बढ़ने की संभावना रहती है। सरकार इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।

इस तरह, दाम बढ़ने के बावजूद भारत में घरेलू और व्यावसायिक ग्राहकों को गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त तैयारी की जा रही है। आम नागरिकों के लिए फिलहाल बड़ी चिंता की बात नहीं है, लेकिन बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।