Loan Safety Tips: हमारे जीवन में ऐसे समय जरूर आते हैं जब अचानक बड़ी रकम की जरूरत पड़ जाती है. यह रकम बच्चों की पढ़ाई, शादी, मेडिकल इमरजेंसी या बिजनेस के लिए हो सकती है. खासकर मिडिल क्लास परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम एक साथ जुटाना आसान नहीं होता. ऐसे में लोन लेना कई बार जरूरी हो जाता है.
लेकिन लोन लेना आसान काम जरूर है, लेकिन इसे सही तरीके से न लेने पर भविष्य में यह भारी पड़ सकता है. बढ़ता हुआ ब्याज, मुश्किल से भरने वाली ईएमआई और अन्य चार्जेस कई लोगों के लिए तनाव का कारण बन जाते हैं. इसलिए लोन लेने से पहले कुछ सावधानियां अपनाना बहुत जरूरी है.
नीचे हम उन चार बड़ी गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें लोन लेते समय हर कीमत पर बचना चाहिए.
लोन लेने के समय बैंक या फाइनेंस कंपनी कई पन्नों का एग्रीमेंट देती है. ज्यादातर लोग इसे पढ़े बिना ही साइन कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती होती है. इन दस्तावेजों में ब्याज दर, पेनाल्टी, लेट पेमेंट चार्ज और प्रीपेमेंट चार्ज जैसी महत्वपूर्ण बातें छिपी होती हैं. यदि आप इन्हें ध्यान से नहीं पढ़ेंगे तो भविष्य में अतिरिक्त पैसा देना पड़ सकता है.
क्या करें:
हर लाइन ध्यान से पढ़ें. जो भी शर्त समझ न आए, बैंक से साफ सवाल पूछें. तब तक साइन न करें जब तक सभी शर्तें पूरी तरह क्लियर न हों. इस तरह आप बाद में किसी अप्रत्याशित खर्च से बच सकते हैं.
कुछ लोग जल्दी लोन पाने या कम सिबिल स्कोर होने की वजह से ब्रोकर की मदद लेते हैं. ब्रोकर आपको लोन दिलाने का भरोसा देता है, लेकिन बदले में मोटा कमीशन वसूलता है. कई बार लोग पहले ही पैसे दे देते हैं और लोन भी नहीं मिल पाता.
क्या करें:
कोशिश करें कि लोन सीधे बैंक या भरोसेमंद वित्तीय संस्था से लें. अगर ब्रोकर से लेना ही पड़े, तो एडवांस पैसे कभी न दें. केवल वही फीस दें जब लोन राशि आपके खाते में आ जाए. थोड़ी सी सावधानी से आप ठगी और धोखाधड़ी से बच सकते हैं.
अक्सर लोग उसी बैंक से लोन ले लेते हैं जिसमें उनका खाता होता है. यह सोचना कि 'मेरे खाते वाले बैंक से लोन लेना आसान है,' सही नहीं है. हर बैंक और फाइनेंस कंपनी की ब्याज दर अलग होती है. कुछ जगह प्रोसेसिंग फीस ज्यादा होती है, तो कहीं ईएमआई कम.
क्या करें:
कम से कम तीन से चार बैंकों की ब्याज दर, ईएमआई और अन्य चार्ज की तुलना जरूर करें. छोटी मेहनत करने से आप लाखों रुपये बचा सकते हैं. सही तुलना करने से न केवल आपकी ईएमआई कम होगी, बल्कि कुल ब्याज भी कम होगा.
आजकल मोबाइल एप के जरिए छोटे लोन लेना आसान हो गया है. लेकिन ये एप कई बार परेशानी का कारण बन जाते हैं. देरी होने पर एप से कॉल, मैसेज या धमकी जैसी स्थिति भी बन सकती है. कभी-कभी आपका निजी डेटा भी गलत तरीके से इस्तेमाल हो जाता है.
क्या करें:
लोन हमेशा बैंक या बैंक की आधिकारिक एप से ही लें. किसी अनजान एप से लोन लेने से बचें.
भरोसेमंद माध्यम से लिया गया लोन ही सुरक्षित होता है. जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपकी वित्तीय स्थिति को बहुत प्रभावित कर सकता है.
अपनी सिबिल स्कोर और आय का सही आंकलन करें. जरूरत से ज्यादा लोन न लें. ईएमआई समय पर भरना हमेशा प्राथमिकता बनाएं. किसी भी शर्त को नजरअंदाज न करें.
इन सरल सावधानियों को अपनाकर आप लोन को अपने लिए बोझ नहीं, बल्कि मददगार साधन बना सकते हैं.