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भारत में जेट फ्यूल की कीमतों में 115% तक की चौंकाने वाली हुई बढ़ोतरी! पैसेंजर्स की हवा टाइट

Jet Fuel Prices: देश में जेट फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में 115% से अधिक वृद्धि हुई, लेकिन घरेलू शेड्यूल्ड उड़ानों पर पूरी बढ़ोतरी लागू नहीं होगी; अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पूरी कीमत लागू रहेगी।

👤 Samachaar Desk 01 Apr 2026 10:50 AM

Jet Fuel Prices: देश में जेट फ्यूल (एटीएफ) के दामों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता की वजह से भारत सरकार ने नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानों और चार्टर फ्लाइट्स के लिए एटीएफ की कीमतों में 115% से अधिक की वृद्धि कर दी है।

शुरुआत में इंडियनऑयल की वेबसाइट पर यह स्पष्ट नहीं था कि नई बढ़ी हुई कीमतें घरेलू एयरलाइनों पर भी लागू होंगी या नहीं। बाद में एयरलाइनों ने कहा कि यह कीमतें केवल नॉन-शेड्यूल्ड और चार्टर उड़ानों के लिए हैं, जबकि शेड्यूल्ड उड़ानों के लिए कीमतें तय नहीं हुई थीं। अंततः इंडियनऑयल ने पुष्टि की कि घरेलू तय समय वाली उड़ानों पर नई कीमतें लागू नहीं होंगी।

बड़े शहरों में कीमतों का नया स्तर

दिल्ली में 1 अप्रैल से डोमेस्टिक उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 2,07,341 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में 96,638 रुपये थी। कोलकाता में कीमत 2,05,955 रुपये, चेन्नई में 2,14,598 रुपये और मुंबई में 1,94,969 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। यह पिछले महीने की तुलना में लगभग दोगुनी वृद्धि है।

पहले भी हो चुकी थी बढ़ोतरी

मार्च महीने में भी कंपनियों ने जेट फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया था। इसके कारण डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों उड़ानों के लिए जेट फ्यूल के दाम एक लाख रुपये प्रति किलोलीटर से अधिक हो गए थे।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत में एटीएफ की कीमतें 2001 में सरकार के नियंत्रण से बाहर कर दी गई थीं और अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के फॉर्मूले के अनुसार हर महीने इनकी समीक्षा की जाती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के बंद होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण 1 अप्रैल को घरेलू एटीएफ की कीमतों में 100% से अधिक वृद्धि की संभावना थी।

घरेलू हवाई यात्रा को सस्ता रखने का उपाय

मंत्रालय ने बताया कि घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो, इसके लिए सरकारी तेल कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिलकर केवल 25% (लगभग 15 रुपये प्रति लीटर) की आंशिक बढ़ोतरी एयरलाइंस पर लागू की। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर एयरलाइंस को पूरी बढ़ी हुई कीमत का भुगतान करना होगा, जैसे कि वह अन्य देशों में करती हैं।