नई दिल्ली में सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की ये बैठक हैदराबाद हाउस में हुई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की तैयारी भी की गई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारी शामिल हुए।
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रधानमंत्री कार्नी से मुलाकात की थी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वे कनाडा के प्रधानमंत्री से मिलकर प्रसन्न हैं और दोनों देशों के बीच आगे सहयोग बढ़ाने की इच्छा का स्वागत करते हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहे। ये उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा था। वे सबसे पहले मुंबई पहुंचे और वहां कुछ कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद रविवार शाम को नई दिल्ली आए। हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया।
नई दिल्ली पहुंचने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने कनाडा की अपनी समकक्ष अनीता आनंद से भी मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाना था।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा, शोध और नवाचार जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की। साथ ही लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत करने पर भी बात हुई।
नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी अपने विचार साझा किए। इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्री भारत–कनाडा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के एक मंच में भी शामिल हुए, जहां व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कार्नी की इससे पहले मुलाकात अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो चुकी है। वे G7 Summit और G20 Summit के दौरान भी मिले थे। नई दिल्ली की ये बैठक उन्हीं बातचीतों को आगे बढ़ाने की कड़ी मानी जा रही है।
ये दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और कनाडा अपने संबंधों को सामान्य और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सोमवार की चर्चा में दोनों देशों के बीच आपसी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकों से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलती है।