Logo

E20 पेट्रोल पर पेड मुहिम का खुलासा! गडकरी बोले, ‘स्वदेशी, प्रदूषण मुक्त और सियासी निशाने का शिकार’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल पर सोशल मीडिया पर चल रही पेड मुहिम का खुलासा किया. पढ़ें कैसे 20% एथनॉल वाला स्वदेशी और प्रदूषण मुक्त ईंधन भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है.

👤 Samachaar Desk 11 Sep 2025 02:43 PM

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया कि 20 फीसदी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम पूरी तरह पेड और पूर्वाग्रसित थी. उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाना था, लेकिन अब यह पूरी तरह झूठी साबित हो रही है. यह बयान उन्होंने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स सोसायटी के वार्षिक सम्मेलन में दिया.

पेट्रोल लॉबी और विरोध का कारण

गडकरी ने बताया कि E20 पेट्रोल को लेकर विरोध के पीछे पेट्रोल लॉबी का हाथ है. उन्होंने कहा, "हर जगह लॉबी होती हैं, हित होते हैं... पेट्रोल लॉबी बहुत समृद्ध है." मंत्री ने जोर देकर कहा कि E20 न केवल प्रदूषण कम करने में मददगार है बल्कि यह स्वदेशी और लागत प्रभावी विकल्प भी है.

E20 का महत्व और लाभ

गडकरी ने E20 पेट्रोल को 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल का मिश्रण बताया. उन्होंने कहा कि यह कार्बन उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने में क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है. इसके अलावा, उन्होंने वित्त मंत्री से पुराने वाहनों को स्क्रैप करके नई कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए GST में राहत देने का सुझाव दिया.

प्रदूषण पर नियंत्रण और सुरक्षा

मंत्री ने यह भी बताया कि अगर प्रदूषण का स्तर यूं ही बना रहा तो दिल्लीवासियों की ज़िंदगी के 10 साल कम हो सकते हैं. E20 के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण कम होगा और देश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा.

वाहन मालिकों की चिंता और गडकरी का जवाब

हालांकि वाहन मालिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल से ईंधन दक्षता कम हुई है और वाहन टूट-फूट अधिक हो रही है, गडकरी ने इसे अस्थायी मुद्दा बताया. उनका कहना है कि सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह देश के लिए लाभकारी साबित होगा.

स्वदेशी और भविष्य के लिए जरूरी कदम

E20 पेट्रोल पर चल रही पेड मुहिम ने दिखा दिया कि तकनीकी और स्वदेशी विकल्पों के खिलाफ राजनीतिक और लॉबीइंग की राजनीति भी होती है. गडकरी का संदेश स्पष्ट है: E20 भविष्य की ऊर्जा और स्वच्छ वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.