क्या आपको भी सुनने में आ रहा है कि कोरोना एक बार फिर से अपने पैर पसार रहा है. दरअसल, एक बार फिर एशिया के कई देशों में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण इस बार गंभीर नहीं है और ज़्यादातर मामलों में मरीजों को हल्के लक्षण ही हो रहे हैं. अच्छी बात यह है कि भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह अलर्ट पर है.
इस समय भारत में कोविड-19 का जो वेरिएंट सक्रिय है, वह JN.1 है- जो कि ओमिक्रॉन का ही एक सब-वेरिएंट है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह वेरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं फैला रहा है. हालांकि जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें थोड़ी सावधानी जरूर बरतनी चाहिए.
सिंगापुर: 27 अप्रैल से 3 मई के बीच 14,200 केस दर्ज किए गए, जबकि पिछले हफ्ते ये संख्या 11,000 थी. यहां नए वेरिएंट LF.7 और NB.1.8 सामने आए हैं.
थाईलैंड: इसी हफ्ते में 33,030 नए केस आए, जिनमें XCC वेरिएंट मुख्य कारण बताया जा रहा है.
हांगकांग: पॉजिटिविटी रेट सिर्फ चार हफ्तों में 6.21% से बढ़कर 13.66% हो गई है.
चीन: अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों में कोविड पॉजिटिविटी काफी बढ़ी है.
ये दोनों वेरिएंट JN.1 के ही सब-वेरिएंट हैं. इनकी खासियत है इनके स्पाइक प्रोटीन में बदलाव, जिससे ये संक्रमण को फैलाने में अधिक सक्षम हो सकते हैं और शरीर की इम्यूनिटी को चकमा दे सकते हैं. हालांकि इन पर अभी वैज्ञानिक शोध चल रहा है।
हां, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि मौजूदा वैक्सीन अभी भी गंभीर बीमारी से बचाने में सक्षम हैं, भले ही वेरिएंट नया हो. कई मामलों में देखा गया है कि जिन लोगों को बूस्टर डोज नहीं लगी थी, वे ही संक्रमित हो रहे हैं.
डॉ. राहुल पंडित (चेयरमैन, क्रिटिकल केयर, HN रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल) के अनुसार, भारत में वैक्सीनेशन और नेचुरल इम्यूनिटी ने काफी मदद की है. "2022 की ओमिक्रॉन वेव के बाद शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है. अब संक्रमण के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हैं-बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, गला खराब और हल्की खांसी," वे बताते हैं.
डॉ. निहार पारेख के अनुसार, नए वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन जरूर बदला है जिससे यह तेजी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण मामूली हैं. कुछ लोगों को आंख आना (कंजक्टिवाइटिस) या डायरिया भी हो रहा है, लेकिन ये सभी लक्षण कुछ ही दिनों में ठीक हो जा रहे हैं.