एक महिला अदालत ने बुधवार को अन्ना यूनिवर्सिटी यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी ज्ञानसेकरन को दोषी करार दिया. अदालत ने कहा कि ज्ञानसेकरन के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप साबित हो चुके हैं.
यह घटना पिछले साल 23 दिसंबर की रात लगभग 8 बजे हुई थी, जब कोत्तूर निवासी ज्ञानसेकरन, जो विश्वविद्यालय परिसर के पास बिरयानी की दुकान चलाता था, कथित तौर पर यूनिवर्सिटी परिसर में घुस गया. वहां एक सुनसान जगह पर उसने एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया और उसके पुरुष मित्र के साथ मारपीट की.
ज्ञानसेकरन ने इससे पहले अदालत में याचिका दायर कर केस से रिहाई की मांग की थी. उसने दावा किया था कि उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उसकी गिरफ्तारी केवल संदेह के आधार पर की गई है. इस पर तमिलनाडु पुलिस ने एक जवाबी याचिका दाखिल की थी. दोनों पक्षों की दलीलें अदालत में पेश की गईं.
मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. SIT ने बाद में महिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. अब ज्ञानसेकरन ने सजा में नरमी की अपील की है, यह कहते हुए कि उसकी मां की तबीयत बेहद खराब है. अदालत 2 जून को सजा की अवधि का ऐलान करेगी.