बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा शेफाली जरीवाला की अचानक मौत ने पूरी इंडस्ट्री और उनके फैंस को झकझोर कर रख दिया है. 27 जून की रात दिल का दौरा पड़ने यानी कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. उनकी मौत के बाद एक बार फिर दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है. खासकर युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट की घटनाएं लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर रही हैं. इनमें सबसे बड़ा सवाल ये है, क्या कार्डियक अरेस्ट एक जेनेटिक यानी आनुवांशिक बीमारी हो सकती है?
विशेषज्ञों की मानें तो कार्डियक अरेस्ट जेनेटिक यानी अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है. यदि परिवार में दिल की बीमारियों का इतिहास रहा हो या किसी करीबी रिश्तेदार को हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हों, तो अगली पीढ़ी में इस बीमारी की संभावना बढ़ जाती है. कई बार यह जोखिम बिना लक्षणों के भी होता है, खासकर तब जब हृदय की मांसपेशियों या रिदम में गड़बड़ी की संभावना जन्मजात हो. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर कार्डियक अरेस्ट का कारण जेनेटिक ही हो, लेकिन यह एक बड़ा फैक्टर जरूर है.
1 अचानक व्यक्ति का बेहोश हो जाना
2 सांस रुकना या बेहद असामान्य होना
3 कलाई या गर्दन में नाड़ी का महसूस न होना
1 सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना
2 सांस लेने में परेशानी या घबराहट
3 चक्कर आना या हल्का सिरदर्द
4 तेज़ दिल की धड़कन
5 मतली या उल्टी जैसा लगना
6 असामान्य थकावट या कमजोरी
7 चिंता, बेचैनी या डर की भावना
आज की तनावपूर्ण और व्यस्त लाइफस्टाइल में दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. अगर आपके परिवार में पहले किसी को दिल की बीमारी रही है, तो आपको नियमित जांच, हेल्दी डाइट, व्यायाम और तनाव नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
(Disclaimer: यह स्टोरी सामान्य जानकारियों पर आधारित है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)