गर्मियों में तरबूज का जूस लोगों की पहली पसंद बन जाता है. ये मीठा, ठंडा और हेल्दी माना जाता है. लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक, तरबूज का जूस कुछ स्थितियों में नुकसानदेह भी हो सकता है. अगर आप रोजाना तरबूज का जूस पीती हैं, तो इन 3 जरूरी बातों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.
तरबूज में नेचुरल शुगर यानी प्राकृतिक चीनी भरपूर मात्रा में होती है. जब इसे जूस के रूप में लिया जाता है, तो इसका फाइबर पूरी तरह खत्म हो जाता है. नतीजा ये कि जूस शरीर में बहुत तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है. यह स्थिति खासतौर पर PCOS या इंसुलिन रेसिस्टेंस से जूझ रही महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकती है. अगर आप फिर भी इसका सेवन करना चाहें, तो बहुत कम मात्रा में और संतुलित रूप से ही करें.
तरबूज ठंडी प्रकृति का फल है और जब इसे खाली पेट पीया जाए, तो यह पाचन तंत्र को खराब सकता है. इससे एसिडिटी, ब्लोटिंग और गैस की शिकायतें बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों में जिनकी डाइजेशन पहले से ही कमजोर हो. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, तरबूज का जूस मिड-मॉर्निंग या दोपहर के खाने के बाद लेना ज्यादा बेहतर होता है और वो भी सीमित मात्रा में.
जब आप फल को जूस में बदलते हैं, तो उसका सबसे अहम हिस्सा ‘फाइबर’ उसमें से निकल जाता है. फाइबर न केवल आपकी गट हेल्थ यानी पाचन को दुरुस्त रखता है, बल्कि हार्मोन बैलेंस और ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में भी मदद करता है. इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि तरबूज को जूस की जगह कटकर खाएं. इससे पेट भी भरेगा, फाइबर मिलेगा और शुगर कंट्रोल में रहेगी.
तरबूज गर्मियों में जरूर राहत देता है, लेकिन इसे जूस के रूप में लेने से पहले अपनी सेहत की ज़रूरतों को जरूर समझें. अगर पाचन कमजोर है, ब्लड शुगर की समस्या है या पीसीओएस जैसी कोई स्थिति है, तो तरबूज को सीधे फल के रूप में खाना ही समझदारी होगी.