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रणबीर की ‘रामायण’ से बाहर हुए जयदीप अहलावत, पर्दे के पीछे की सच्चाई आई सामने!

जयदीप अहलावत ने नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में विभीषण का रोल ठुकरा दिया. वजह थी शूटिंग शेड्यूल और यश (रावण) के सीन को प्राथमिकता मिलना.

👤 Samachaar Desk 23 Jun 2025 09:45 AM

बॉलीवुड के प्रतिभाशाली एक्टर जयदीप अहलावत ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्हें नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में अहम रोल का ऑफर मिला था. ये भूमिका रावण के भाई विभीषण की थी.हालांकि, उन्होंने ये किरदार करने से इनकार कर दिया. चलिए, जानते हैं इसकी असली वजहें.

जयदीप अहलावत ने कन्फर्म किया कि उन्हें विभीषण का रोल ऑफर हुआ था. ये भूमिका धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि विभीषण ही वह पात्र हैं जो रावण का साथ छोड़कर भगवान राम का पक्ष लेते हैं.

यश के साथ शूटिंग शेड्यूल बना समस्या

जयदीप ने इंटरव्यू में बताया कि उन्हें इस रोल में केजीएफ फेम यश, जो रावण का किरदार निभा रहे हैं, के साथ कई सीन शूट करने थे. लेकिन दोनों के शूटिंग शेड्यूल मेल नहीं खा रहे थे. ये ऑफर मुझे मिला था, लेकिन टाइमिंग मैच नहीं हो रही थी,” जयदीप ने बताया.

रावण के शेड्यूल को दी गई प्राथमिकता

एक्टर ने ये भी स्पष्ट किया कि फिल्ममेकर्स रावण यानी यश के शेड्यूल को ज्यादा महत्व दे रहे थे. जयदीप ने कहा: मुझे यकीन है कि रावण की तारीखें मुझसे ज्यादा जरूरी होंगी.'

ऐसे में उन्होंने खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग करना बेहतर समझा.

‘रामायण’ में नजर आएंगे ये बड़े सितारे

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ये फिल्म बेहद बड़े स्तर पर बन रही है. इसमें शामिल हैं:

रणबीर कपूर – भगवान राम साई पल्लवी – माता सीता सनी देओल – हनुमान यश – रावण

जयदीप का फैसला: समझदारी और प्रोफेशनलिज्म की मिसाल

जयदीप अहलावत ने एक बड़ा प्रोजेक्ट केवल इसलिए छोड़ा क्योंकि टाइमिंग और मैनेजमेंट में मुश्किलें थीं. उनका ये फैसला ये दिखाता है कि वह बिना दबाव के काम करते हैं और प्रोजेक्ट्स को लेकर पूरी तरह प्रोफेशनल हैं.

तीन पार्ट में बनेगी फिल्म

नितेश तिवारी, जिन्होंने ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर बनाई है, अब रामायण जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. ये फिल्म न सिर्फ बजट के मामले में बड़ी है, बल्कि इसमें शामिल कलाकारों और टेक्नोलॉजी की वजह से भी यह चर्चा में है. बताया जा रहा है कि 'रामायण' को ट्राइलॉजी यानी तीन भागों में बनाया जाएगा, ताकि पूरी कथा को विस्तार से दिखाया जा सके— राम जन्म से लेकर रावण वध और राम राज्याभिषेक तक.