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53वें बर्थडे पर खुला करण जौहर का सीक्रेट चैप्टर: फिल्ममेकर बनने से पहले टीवी सीरियल में कर चुके हैं काम!

Happy Birthday Karan Johar: करण जौहर, जो आज बॉलीवुड के सबसे बड़े निर्देशकों में गिने जाते हैं, ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी. 1989 में दूरदर्शन के साइंस-फिक्शन शो में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ‘श्रीकांत’ का किरदार निभाया था. करण आज धर्मा प्रोडक्शंस के प्रमुख हैं और हिंदी सिनेमा में एक बड़ा नाम बन चुके हैं.

👤 Samachaar Desk 25 May 2025 08:45 AM

Happy Birthday Karan Johar: करण जौहर आज बॉलीवुड का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. वो सिर्फ एक फिल्ममेकर नहीं, बल्कि ट्रेंडसेटर, पॉप-कल्चर आइकन और कंट्रोवर्सी के पसंदीदा विषय भी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायरेक्टर बनने से पहले करण की शुरुआत बतौर एक चाइल्ड आर्टिस्ट हुई थी?

आज भले ही करण को निर्देशन के लिए जाना जाता है, लेकिन उनकी पहली पारी कैमरे के सामने एक्टिंग से शुरू हुई थी. उन्होंने साल 1989 में दूरदर्शन पर आने वाले फेमस टीवी सीरियल 'इंद्रधनुष' में एक किरदार निभाया था.

 ‘इंद्रधनुष’ में निभाया था ‘श्रीकांत’ का रोल

इस साइंस-फिक्शन शो का निर्देशन आनंद महेन्द्रू ने किया था और इसमें करण ने 'श्रीकांत' नाम का किरदार निभाया था. शो में उनके साथ ऊर्मिला मातोंडकर, विशाल सिंह और आशुतोष गोवारिकर जैसे कई नामी चेहरे भी थे. ये शो समय यात्रा और टीन साइंस थीम पर आधारित था और करण का अभिनय उस समय उनके कई फैंस से छिपा हुआ पहलू रहा है.

कई लोगों को लगता है कि करण पहली बार फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में नजर आए थे, लेकिन सच ये है कि उनका ऑन-स्क्रीन डेब्यू इससे भी पहले हो चुका था- छोटे पर्दे पर, बतौर बाल कलाकार.

 डायरेक्शन की दुनिया में पहला कदम

करण ने 1998 में ‘कुछ कुछ होता है’ से डायरेक्शन की शुरुआत की और पहली ही फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इसके बाद उन्होंने ‘कभी खुशी कभी ग़म’ (2001) और ‘माई नेम इज खान’ जैसी कई बड़ी फिल्मों का निर्देशन किया और कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए.

आज करण धर्मा प्रोडक्शंस के कंधों पर सिनेमा का एक बड़ा भार उठाए हुए हैं. उनके पिता यश जौहर की बनाई इस विरासत को उन्होंने मजबूती से आगे बढ़ाया है.

 जन्मदिन पर एक नजर उस दौर पर जो भुला दिया गया

करण जौहर का आज 53वां जन्मदिन है. उनके करियर के इस अनसुने हिस्से को जानना उनके फैंस के लिए एक दिलचस्प तोहफा है- ये दिखाता है कि हर बड़ी सफलता के पीछे एक लंबी और अनदेखी शुरुआत छिपी होती है.