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10 किलो वजन कम करने के पीछे की 'जादुई दवा'! हंसल मेहता ने तोड़ा उम्र और बीमारी का मिथ

Hansal Mehta Weight Loss: 57 की उम्र, बढ़ता वजन और प्रीडायबिटीज... फिर हंसल मेहता ने ऐसा क्या किया कि 10 किलो वजन उड़नछू हो गया? जानिए उनकी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी का असली राज!.

👤 Sanskriti 15 May 2025 09:01 AM

नई दिल्ली : वजन कम करने की कहानियां तो आपने कई सुनी होंगी, लेकिन जब कोई 57 साल की उम्र में एक गंभीर हेल्थ कंडीशन के बावजूद फिटनेस को लेकर इतना गंभीर हो जाए- तो वह सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं, एक प्रेरणा बन जाता है. ऐसा ही कुछ किया है फेमस फिल्म डायरेक्टर हंसल मेहता ने, जिन्होंने हाल ही में 10 किलो वजन घटाया है और उसका पूरा प्रोसेस और मानसिक स्थिति को खुलकर शेयर किया है.

हंसल मेहता ने बताया कि वे लंबे समय से वजन कम करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा. डॉक्टर से जांच कराने पर पता चला कि उन्हें प्रीडायबिटिक कंडीशन है, जो डायबिटीज से पहले की स्टेज मानी जाती है और गंभीर हो सकती है. इसी बात ने उन्हें अलर्ट कर दिया और यहीं से शुरू हुई उनकी फिटनेस जर्नी.

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से लेकर नींद तक 

डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने अपनी डेली रूटीन में कई बदलाव किए: रेगुलर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, व्यायाम और एक्टिव लाइफस्टाइल, डॉक्टर की सलाह पर सही दवाइयों का सेवन, डायट कंट्रोल और पौष्टिक भोजन और अच्छी नींद और मानसिक शांति पर फोकस.

उन्होंने कहा कि 'एक जादुई दवा' ने जरूर मदद की, लेकिन असली बदलाव उनके आत्मविश्वास और अनुशासन के कारण आया.

 2 साल की मेहनत का नतीजा 

लगभग दो साल के लगातार प्रयासों के बाद हंसल मेहता का वजन 10 किलो तक कम हो चुका है और उनका शुगर लेवल अब पूरी तरह नॉर्मल है. सबसे बड़ी बात – वो मानसिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और पॉजिटिव महसूस करते हैं. उन्होंने कहा, 'अब मैं अपने आसपास की चीजों को हल्का महसूस करता हूं – ये सिर्फ वजन की नहीं, पूरे जीवन की बात है.'

पर्दे के पीछे से फिटनेस फोकस तक 

हंसल मेहता ने 1993 में ‘खाना खजाना’ जैसे टीवी शो से अपने करियर की शुरुआत की थी. फिर उन्होंने कई शोज और फिल्मों का निर्देशन किया जैसे: ‘शाहिद’,‘सिटीलाइट्स’,‘अलीगढ़’,‘स्कैम 1992’, और हाल ही में ‘फैराज’.

फिल्मों में रियल कहानियां कहने वाले हंसल अब अपनी असल जिंदगी में भी एक मजबूत कहानी लिख रहे हैं- अपने हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की.

हंसल मेहता की कहानी सिखाती है कि उम्र या बीमारी कोई रुकावट नहीं होती अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार हों. तो आप भी अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं.