Logo

Rohini Vrat February 2026: इस साल कब पड़ रहा है रोहिणी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Rohini Vrat February 2026: फाल्गुन माह की नवमी को एक खास व्रत आता है, जिसका नाम है रोहिणी व्रत. जानिए कैसे ये व्रत बदल सकता है आपके जीवन की खुशियां और किस तरह मिलता है भगवान वासुपूज्य का आशीर्वाद.

👤 Samachaar Desk 09 Feb 2026 05:12 PM

Rohini Vrat February 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, फरवरी-मार्च के बीच का महीना फाल्गुन माह कहलाता है. ये माह धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. फाल्गुन माह में कई पवित्र त्योहार और व्रत पड़ते हैं. इसी माह में महाशिवरात्रि का पर्व भी आता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की स्मृति में मनाया जाता है.

इस माह में एक और विशेष व्रत भी पड़ता है, जिसे रोहिणी व्रत कहा जाता है. ये व्रत रोहिणी नक्षत्र में आने वाली तिथि पर रखा जाता है और विशेष रूप से जैन धर्म में इसका महत्व है.

रोहिणी व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, यानी 25 फरवरी 2026 को रोहिणी व्रत रखा जाएगा. इस दिन रोहिणी नक्षत्र दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. इस समय में भक्त अपने घर या मंदिर में परमपूज्य भगवान वासुपूज्य स्वामी की पूजा कर सकते हैं.

रोहिणी व्रत की पूजा विधि

1. ब्रह्म बेला में उठें और घर की साफ-सफाई करें.

2. नित्यकर्मों से निवृत्त होकर गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान करें.

3. स्नान के बाद आचमन करके व्रत का संकल्प लें.

4. नए कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें.

5. भक्ति भाव से भगवान वासुपूज्य स्वामी की पूजा करें.

6. पूजा के दौरान फल, फूल और अन्य भेंट सामग्री चढ़ाएं.

7. अंत में आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें.

रोहिणी व्रत का महत्व

रोहिणी व्रत के दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा आयोजित की जाती है. विवाहित महिलाएं इस व्रत को विशेष रूप से करती हैं, लेकिन अविवाहित लड़कियां भी इसे रख सकती हैं. जैन मान्यता के अनुसार, रोहिणी व्रत करने से भगवान वासुपूज्य स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस व्रत से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-शांति और सौभाग्य बढ़ता है.

रोहिणी व्रत एक ऐसा अवसर है जो भक्तों को धार्मिक भावना और आस्था के साथ भगवान वासुपूज्य स्वामी की भक्ति में लीन होने का मौका देता है. इस दिन व्रत और पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य आता है.