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Chaitra Navratri Day 3: नवरात्रि के तीसरे दिन ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मुहूर्त

Navratri Day 3 Maa Chandraghanta Puja: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। यह रूप साहस, शांति और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट करने वाला है। मंत्र जाप, भोग और सही रंग पहनना शुभ माना जाता है।

👤 Samachaar Desk 21 Mar 2026 08:29 AM

Navratri Day 3 Maa Chandraghanta Puja: चैत्र नवरात्रि का पवित्र पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह नौ दिनों का उत्सव होता है, जिसमें मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। हर दिन का अपना अलग महत्व होता है और भक्त पूरे मन से देवी की आराधना करते हैं ताकि जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। नवरात्रि का तीसरा दिन खासतौर पर मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, जिनकी पूजा से डर और परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

नवरात्रि का तीसरा दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप, मां चंद्रघंटा की आराधना का दिन है। उनके माथे पर आधे चांद के आकार की घंटी बनी होती है, इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां का यह रूप साहस, शांति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। जो लोग मानसिक तनाव, डर या जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, उनके लिए इस दिन की पूजा बहुत लाभकारी मानी जाती है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप

मां चंद्रघंटा का रूप बहुत शक्तिशाली और दिव्य बताया गया है। वे बाघ की सवारी करती हैं और उनके दस हाथों में अलग-अलग अस्त्र-शस्त्र होते हैं। उनकी घंटी की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली मानी जाती है। ऐसा विश्वास है कि उनकी पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, मन मजबूत होता है और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

पूजा का शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:23 से 06:10 तक प्रातः काल: सुबह 05:47 से 06:58 तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:39 से 01:28 तक अमृत काल: सुबह 08:28 से 09:57 तक

पूजा करने की आसान विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें

पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें

मां को फूल, चंदन, मिठाई और पंचामृत अर्पित करें

घी का दीपक जलाएं

श्रद्धा से मंत्र का जाप करें:

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

इस दिन क्या करें

सुबह घर में घंटी बजाकर दिन की शुरुआत करें

हल्के रंग जैसे ग्रे या पीला पहनना शुभ माना जाता है

मां को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं

कुछ समय शांति से बैठकर ध्यान और मंत्र जाप करें

किन बातों से बचें

बेवजह चिंता और ज्यादा सोचने से बचें

पूजा-पाठ को नजरअंदाज न करें

नकारात्मक बातचीत या झगड़े से दूर रहें

तामसिक भोजन (जैसे मांस, शराब आदि) से परहेज करें