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Kharmas 2026: शुरू हो गए हैं खरमास, गलती से भी न करें ये काम

Kharmas 2026: साल 2026 में खरमास 15 मार्च से शुरू हो गए हैं. इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, जबकि पूजा-पाठ, दान और भक्ति करना शुभ माना जाता है।

👤 Samachaar Desk 15 Mar 2026 12:19 PM

Kharmas 2026: हिंदू पंचांग में साल के कुछ ऐसे विशेष समय होते हैं जब शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण समय खरमास का होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये अवधि लगभग एक महीने की होती है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।

पंचांग के मुताबिक वर्ष 2026 में खरमास 15 मार्च से शुरू हो चुका है और यह 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्य भले ही टाले जाते हों, लेकिन पूजा-पाठ, भक्ति और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना जाता है।

खरमास क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों यानी धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास का समय शुरू होता है। इस अवधि में ग्रहों की स्थिति ऐसी मानी जाती है कि शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मुहूर्त नहीं बन पाता।

इसी कारण से इस दौरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश या अन्य बड़े शुभ कार्यों को कुछ समय के लिए टाल दिया जाता है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से यह समय भगवान की भक्ति, ध्यान और पुण्य कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

खरमास में मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय सूर्य की स्थिति ऐसी रहती है कि ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव कम माना जाता है। ज्योतिष में माना जाता है कि जब ग्रह पूरी तरह अनुकूल न हों तो नए और बड़े काम शुरू करने पर मनचाहा परिणाम नहीं मिलता।

इसी वजह से परंपरा के अनुसार लोग इस अवधि में महत्वपूर्ण और शुभ कार्यों को करने से बचते हैं और खरमास समाप्त होने के बाद ही उन्हें शुरू करते हैं।

खरमास में किन कामों से बचना चाहिए

खरमास के दौरान कुछ खास मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है, जैसे -

विवाह और सगाई

गृह प्रवेश

नए घर के निर्माण की शुरुआत

नया व्यवसाय या दुकान खोलना

मुंडन और नामकरण जैसे संस्कार

बड़े शुभ समारोह या आयोजन