महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक ऐसी सच्ची घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं. 93 साल के एक बुजुर्ग अपनी पत्नी के लिए मंगलसूत्र खरीदने ज्वेलरी की दुकान पर पहुंचे. उनकी सादगी और प्रेम देखकर हर कोई भावुक हो गया. बुजुर्ग ने पारंपरिक सफेद धोती-कुर्ता और टोपी पहन रखी थी, और अपनी पत्नी का हाथ थामे दुकान में दाखिल हुए. यह जोड़ा मंगलसूत्रों को बड़े ध्यान से देख रहा था.
जब दुकानदार ने पूछा कि उनके पास कितने पैसे हैं, तो महिला ने अपने पास से 1,120 रुपये निकालकर दिए. दुकानदार के मजाक में "इतने सारे पैसे?" कहने पर बुजुर्ग ने और पैसे यानी सिक्के भी निकाल दिए.
इस जोड़े की सादगी और प्रेम देखकर दुकानदार भावुक हो गया. उसने सभी पैसे लौटा दिए और सिर्फ 20 रुपये लेकर उन्हें मंगलसूत्र दे दिया. यह कदम सोशल मीडिया पर इंसानियत और प्यार की मिसाल बन गया.
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग का नाम निवृत्ति शिंदे और उनकी पत्नी का नाम शांताबाई है. दोनों जालना जिले के रहने वाले हैं और आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर की पदयात्रा पर थे.
दुकान के मालिक ने कहा कि दंपति को देखकर उन्हें आत्मिक शांति मिली. यह देखकर कि एक बुजुर्ग पति आज भी अपनी पत्नी के लिए मंगलसूत्र खरीदने आया है, उनका दिल भर आया.
यह कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. लाखों लोग इस जोड़े के प्यार और दुकानदार की दरियादिली की सराहना कर रहे हैं. कई लोगों ने इसे ‘सच्चे प्यार की परिभाषा’ बताया.
यह घटना हमें यह सिखाती है कि प्यार का कोई समय या कीमत नहीं होती. यह उम्र और धन से परे एक भावना है, जो अगर सच्ची हो तो जीवन भर कायम रहती है.