पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की. इस मुलाकात में चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल की स्थापना और पंजाब में सीमा पार से हो रही नशा व हथियार तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई.
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल खोलने का प्रस्ताव युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है. इस स्कूल में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का मौका मिलेगा. प्रशासन ने इस योजना की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि यह कदम प्रदेश के युवाओं के भविष्य में नई दिशा देगा.
बैठक में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती तस्करी की चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा हुई. राज्यपाल ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशा भेजे जाने की घटनाएँ सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं. ऐसे में एंटी-ड्रोन तकनीक को और प्रभावी बनाना आवश्यक है. इस प्रणाली के जरिए अवैध गतिविधियों पर नज़र रखी जा सकेगी और सुरक्षा बलों की तैयारी मजबूत होगी.
गुलाब चंद कटारिया ने 9 से 12 फरवरी के बीच तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का और अबोहर जैसे सीमावर्ती जिलों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने नशामुक्ति अभियान के तहत पदयात्रा की और सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया. राज्यपाल ने सीमा क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था का फीडबैक केंद्रीय मंत्री के साथ साझा किया.
राज्यपाल और रक्षा मंत्री की यह बैठक केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय का संकेत भी है. सैनिक स्कूल की स्थापना और सीमा सुरक्षा तकनीकों को मजबूत करना पंजाब के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है.
इस लेख में चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल की योजना और सीमावर्ती सुरक्षा दोनों पर केंद्रित जानकारी दी गई है, जिससे पाठक आसानी से समझ सकें कि यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है.