पंजाब में नशा और हथियार तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने सीमा पार से संचालित हो रहे एक ड्रग्स और हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क लंबे समय से पंजाब में अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि अमृतसर पुलिस ने सतर्कता और सटीक कार्रवाई के जरिए इस पूरे मॉड्यूल को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के कब्जे से 1.5 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इसके अलावा पुलिस ने दो आधुनिक पिस्तौल भी जब्त की हैं, जिनमें एक 9 एमएम और एक .30 बोर की पिस्तौल शामिल है। साथ ही 34 जिंदा कारतूस और करीब 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि यह पैसा नशे की तस्करी से कमाया गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे तस्करों और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। इन्हें वहीं से निर्देश मिलते थे कि कब और कहां से ड्रग्स और हथियारों की खेप उठानी है और आगे कहां सप्लाई करनी है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी हेरोइन और अवैध हथियारों को पंजाब के अलग-अलग जिलों और इलाकों में सप्लाई कर रहे थे। इससे राज्य की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था।
इस पूरे मामले में अमृतसर के सिविल लाइंस थाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े आगे और पीछे के सभी लिंक खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन लोगों से जुड़े हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि संगठित अपराध, नशा तस्करी और हथियारों की स्मगलिंग के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में शांति, कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है।