PSEB Admission Rule: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और निजी स्कूलों के बीच नियमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि आठवीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों का दाखिला अब बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद शिक्षा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, बोर्ड से जुड़े कई निजी स्कूल संचालक इस नियम में छूट की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि कई मामलों में छात्रों के पास जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होता, जिससे एडमिशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, शिक्षकों के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने की अनिवार्यता पर भी स्कूलों ने आपत्ति जताई थी।
इस पूरे मामले को लेकर स्कूल प्रतिनिधियों और बोर्ड के चेयरमैन के बीच बैठक भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। चेयरमैन ने साफ कर दिया कि नियमों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी स्कूलों को इनका सख्ती से पालन करना होगा। बोर्ड के इस फैसले के बाद निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। उनका कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल PSEB से जुड़े हुए हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी इन संस्थानों में पढ़ते हैं। ऐसे में इस तरह के सख्त नियमों से एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
यह नियम सिर्फ निजी स्कूलों तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत सरकारी स्कूलों में भी आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। यानी सभी प्रकार के स्कूलों को इस नियम का पालन करना होगा।
विवाद बढ़ने के बीच स्कूल संगठनों ने अब इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्तर पर बैठक बुलाने का फैसला किया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज हो सकता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।