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क्या है पंजाब का नया ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम? जानिए केजरीवाल-मान की डिजिटल क्रांति

इस नई योजना के तहत अब लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए केवल अपने स्थानीय तहसील कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री करवा सकते हैं. इसके साथ ही, दस्तावेज तैयार करने के लिए ‘1076’ हेल्पलाइन पर कॉल करके सेवा सहायकों को घर बुलाना भी संभव होगा.

👤 Sagar 28 May 2025 01:33 PM

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोहाली में देश की पहली ‘ईजी रजिस्ट्री योजना’ का शुभारंभ किया है. यह पहल जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त को पूरी तरह से पारदर्शी, सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

क्या है ईजी रजिस्ट्री योजना?

इस नई योजना के तहत अब लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए केवल अपने स्थानीय तहसील कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वे जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री करवा सकते हैं. इसके साथ ही, दस्तावेज तैयार करने के लिए ‘1076’ हेल्पलाइन पर कॉल करके सेवा सहायकों को घर बुलाना भी संभव होगा. इससे खासकर बुजुर्गों, ग्रामीण परिवारों और कामकाजी लोगों को काफी राहत मिलेगी.

इस डिजिटल सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है कि अब दस्तावेज जमा करने, भुगतान, मंजूरी, और रजिस्ट्री के हर स्टेटस की जानकारी व्हाट्सएप के जरिए सीधे मिलती रहेगी. इससे लोगों को हर कदम पर पारदर्शिता और भरोसा मिलेगा. भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस व्यवस्था से एजेंट संस्कृति खत्म हो जाएगी क्योंकि अब ऑनलाइन भुगतान होगा और रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ व्हाट्सएप शिकायत नंबर भी शुरू किया गया है.

इस योजना में क्या होगा फायदा?

ईजी रजिस्ट्री योजना के तहत अग्रिम जांच मात्र 48 घंटों में पूरी की जाएगी, जिससे लंबी कतारों और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। नागरिक अपने सुविधानुसार समय चुनकर रजिस्ट्री करा सकेंगे, जिससे उनका कीमती समय बचेगा. इसके अलावा, ‘ड्राफ्ट माय डीड’ टूल के जरिए लोग स्वयं भी अपने दस्तावेज तैयार कर सकते हैं या सेवा सहायकों की सहायता कम फीस पर ले सकते हैं.

इस योजना से न केवल लोगों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि यह भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में भी कारगर साबित होगी. यदि कोई अधिकारी देरी करता है या रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह ‘जित्थों चाहो, रजिस्ट्री करवाओ’ पहल पूरी पंजाब में लागू की जाएगी, जो सरकारी सेवाओं में एक नई क्रांति लाएगी.

सरकार ने यह भी बताया कि 15 जुलाई से पूरे पंजाब में इस सिस्टम का ट्रायल शुरू होगा और 1 अगस्त से राज्यभर में इसे पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा. यह योजना पंजाब को डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी.