Punjab Politics: पंजाब की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं और उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। मामला गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस से जुड़ा है, जिसमें अब उनके खिलाफ एक नई कानूनी धारा जोड़ दी गई है। इससे न केवल जांच और सख्त हुई है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इस विवाद ने सनसनी फैला दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में भुल्लर पर अब सबूत मिटाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने एफआईआर में धारा 238 जोड़ते हुए यह दावा किया है कि मामले से जुड़े अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने की कोशिश की गई। यह कदम जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उठाया गया है।
पुलिस ने पहले भुल्लर को 7 दिन के रिमांड पर लिया था, ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जा सकें। हालांकि, इस दौरान पुलिस उनके मोबाइल फोन, सिम कार्ड और डीवीआर जैसी अहम चीजें बरामद नहीं कर पाई। इसी कारण संदेह और गहरा हो गया कि कहीं सबूतों को जानबूझकर हटाया तो नहीं गया। गगनदीप सिंह रंधावा का सुसाइड केस पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले को और गंभीरता से देख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
दरअसल, पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, अमृतसर के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने इस कदम के लिए लालजीत सिंह भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार और विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
मामले के बढ़ते दबाव के बीच लालजीत सिंह भुल्लर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद अमृतसर पुलिस ने फतेहगढ़ साहिब पुलिस की मदद से उन्हें मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया। हालांकि, परिवार लगातार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
अब इस केस में नई धारा जुड़ने के बाद मामला और जटिल हो गया है। जांच एजेंसियां हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह केस पंजाब की राजनीति में और बड़ा मुद्दा बन सकता है।