Logo

दिल्ली के इस सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, बच्चियों को मिला अंतरिक्ष सीखने का मौका, बनेंगी भविष्य की वैज्ञानिक

Astronomy Lab in Delhi Government School: दिल्ली के बदरपुर स्थित एक सरकारी गर्ल्स स्कूल में आह्वाहन फाउंडेशन ने 90वीं मॉडल एस्ट्रोनॉमी लैब शुरू की है. इस पहल से छात्राओं को अंतरिक्ष और विज्ञान को आसान तरीके से सीखने का मौका मिलेगा.

👤 Samachaar Desk 29 Dec 2025 09:02 PM

दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए यह दिन खास रहा. आह्वाहन फाउंडेशन ने इन्फिनेरा (जो नोकिया का हिस्सा है) के सहयोग से बदरपुर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नंबर-3 में अपनी 90वीं मॉडल एस्ट्रोनॉमी लैब शुरू की. इस लैब की मदद से अब छात्राएं अंतरिक्ष, ग्रहों और तारों के बारे में सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि देखकर और समझकर पढ़ सकेंगी.

क्या होती है एस्ट्रोनॉमी लैब?

एस्ट्रोनॉमी लैब एक ऐसी खास लैब होती है, जहां बच्चों को सूरज, चांद, ग्रह, तारे और ब्रह्मांड के बारे में आसान तरीके से सिखाया जाता है. इस लैब में अलग-अलग मॉडल, चार्ट और उपकरण लगाए गए हैं, जिनसे बच्चे यह समझ पाते हैं कि ग्रह कैसे घूमते हैं, दिन-रात कैसे होते हैं और अंतरिक्ष में क्या-क्या होता है. इससे पढ़ाई बच्चों को बोझ नहीं लगती, बल्कि मजेदार बन जाती है.

पढ़ाई होगी आसान और रोचक

इस नई लैब का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बच्चे चीजों को खुद देखकर और समझकर सीखेंगे. कई बार किताबों में लिखी बातें बच्चों को समझ नहीं आतीं, लेकिन जब वही बातें सामने मॉडल के रूप में दिखती हैं, तो सीखना आसान हो जाता है. इससे बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता बढ़ेगी और विज्ञान के प्रति डर भी खत्म होगा.

लड़कियों को मिलेगा आगे बढ़ने का हौसला

यह एस्ट्रोनॉमी लैब खासतौर पर लड़कियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. अक्सर देखा जाता है कि लड़कियां विज्ञान और तकनीक के विषयों से दूर रह जाती हैं. लेकिन इस तरह की लैब उन्हें आत्मविश्वास देगी और वे भी डॉक्टर, वैज्ञानिक या इंजीनियर बनने का सपना देख सकेंगी. यह पहल लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी.

उद्घाटन कार्यक्रम में दिखा खास उत्साह

लैब के उद्घाटन के दौरान आह्वाहन फाउंडेशन और इन्फिनेरा के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. स्कूल के शिक्षक और छात्राएं भी इस मौके पर काफी उत्साहित नजर आईं. सभी ने मिलकर इस पहल की तारीफ की और कहा कि सरकारी स्कूलों में ऐसी सुविधाएं बहुत जरूरी हैं. बच्चों के चेहरे पर खुशी देखकर साफ था कि वे इस लैब को लेकर काफी उत्साहित हैं.

आह्वाहन फाउंडेशन का क्या कहना है?

आह्वाहन फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री ब्रज किशोर प्रधान ने कहा कि उनकी संस्था का मकसद सरकारी और जरूरतमंद स्कूलों में बेहतर शिक्षा सुविधाएं देना है. उन्होंने बताया कि वे चाहते हैं कि हर बच्चा, खासकर लड़कियां, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें. सही माहौल मिलने पर सरकारी स्कूलों के बच्चे भी किसी से कम नहीं होते.

कंपनियों की मदद से बदलेगी पढ़ाई

इन्फिनेरा और नोकिया की ओर से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कंपनियों की भी जिम्मेदारी बनती है. बच्चों के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब जैसी सुविधाएं तैयार करना समाज के भविष्य में निवेश करने जैसा है. इससे बच्चों में नई सोच और वैज्ञानिक समझ विकसित होती है.

देशभर में हजारों बच्चों को मिल चुका लाभ

आह्वाहन फाउंडेशन की यह पहल कोई नई नहीं है. देश के अलग-अलग हिस्सों में अब तक हजारों बच्चे मॉडल एस्ट्रोनॉमी लैब से फायदा उठा चुके हैं. दिल्ली में शुरू हुई यह 90वीं लैब इस बात का सबूत है कि संस्था लगातार सरकारी स्कूलों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है.

बच्चों की खुशी बनी सबसे बड़ी सफलता

कार्यक्रम के अंत में बच्चों को लैब के मॉडलों का इस्तेमाल करके दिखाया गया. छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ सवाल पूछे और नई चीजें सीखीं. शिक्षकों का कहना था कि इस तरह की लैब से बच्चों में पढ़ाई को लेकर रुचि बढ़ेगी. कुल मिलाकर, यह पहल सरकारी स्कूलों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है.