भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कोहली ने लिखा - टेस्ट क्रिकेट में 14 साल पहले पहली बार जब मैंने सफेद जर्सी पहनी थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर मुझे कहां-कहां ले जाएगा. इस फॉर्मेट ने मुझे परखा, निखारा और जीवनभर के सबक दिए. अब मैं पूरी संतुष्टि के साथ इसे अलविदा कह रहा हूँ। मैंने इसे सब कुछ दिया और इसने मुझे उससे कहीं ज्यादा लौटाया.
विराट कोहली ने अपने 14 साल लंबे टेस्ट करियर में कुल 123 मैच खेले और 9230 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 30 शतक और 31 अर्धशतक जड़े. कोहली भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और टेस्ट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले सातवें भारतीय खिलाड़ी भी हैं.
कोहली का टेस्ट करियर कई यादगार पारियों से भरा रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका बल्ला सबसे ज्यादा बोला. 30 मुकाबलों में उन्होंने 2232 रन बनाए जिसमें 9 शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे. पांच देशों के खिलाफ कोहली ने 1000 से ज्यादा रन बनाए, जो उनकी निरंतरता का उदाहरण है.
कोहली ने 68 मैचों में भारत की कप्तानी की और 40 मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई. वह भारत के सबसे सफल और सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले टेस्ट कप्तान रहे. उनकी कप्तानी में भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज भी जीती. बतौर कप्तान कोहली ने टेस्ट में सबसे ज्यादा सात दोहरे शतक भी जड़े.
विराट का टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ वर्ष 2018 रहा, जब उन्होंने 13 मैचों की 24 पारियों में 1322 रन बनाए. इस दमदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ICC टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड भी मिला. 2016 और 2017 में भी कोहली ने टेस्ट में 1000 से ज्यादा रन बनाए थे. कोहली ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जिसमें उन्होंने 5 टेस्ट की 9 पारियों में 190 रन बनाए. उनके संन्यास के साथ ही एक युग का अंत हो गया जिसे क्रिकेट प्रेमी हमेशा याद रखेंगे.