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बारिश बनी विलेन तो भारत होगा बाहर? T20 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल से पहले फैंस की धड़कनें तेज!

T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। अगर बारिश मैच में बाधा डालती है तो रिजर्व डे का नियम लागू होगा।

👤 Ashwani Kumar 03 Mar 2026 10:27 AM

Ind vs Eng Semi Final: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में 5 मार्च को भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि इस महामुकाबले से पहले फैंस के मन में एक बड़ा सवाल है, अगर बारिश ने खेल बिगाड़ दिया तो क्या होगा? क्या मैच रद्द होने पर कोई टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी? आइए आसान भाषा में समझते हैं आईसीसी के नियम।

रिजर्व डे का नियम

आईसीसी ने नॉकआउट मुकाबलों के लिए खास व्यवस्था बनाई है। सेमीफाइनल के लिए एक ‘रिजर्व डे’ रखा गया है। इसका मतलब है कि अगर 5 मार्च को लगातार बारिश होती है और खेल में बाधा आती है, तो यह मुकाबला अगले दिन यानी 6 मार्च को खेला जाएगा।

अगर मैच शुरू हो जाता है, लेकिन बीच में ही बारिश हो जाती है, तो बचे हुए ओवर अगले दिन पूरे कराए जा सकते हैं। आईसीसी की कोशिश रहती है कि नॉकआउट मैच का नतीजा मैदान पर ही निकले।

दोनों दिन बारिश हो जाए तो क्या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर 5 और 6 मार्च दोनों दिन मौसम खराब रहे और एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सके, तो सुपर-8 चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को फाइनल में जगह मिलेगी। सुपर-8 में इंग्लैंड ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाने का मजबूत आधार बनाया था। भारत ने दो मैच जीते और एक में हार का सामना किया। ऐसे में अगर मैच पूरी तरह रद्द हो जाता है, तो नियमों के अनुसार इंग्लैंड को फाइनल का टिकट मिल जाएगा।

भारत-इंग्लैंड की पुरानी टक्कर

टी20 क्रिकेट में भारत और इंग्लैंड के मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। अब तक कुल 29 टी20 मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 17 मैच जीते और इंग्लैंड ने 12। टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हराया था। वहीं 2024 में भारत ने जोरदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

नजरें मौसम और मैदान पर

अब सबकी निगाहें मौसम पर टिकी हैं। अगर बारिश ने साथ नहीं दिया तो फैंस को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा। हालांकि अगर मौसम ने दखल दिया, तो सुपर-8 का रिकॉर्ड भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। इस बार भारत को अपनी रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा।