Water Diet : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तेजी से वजन घटाने के उपाय तलाशते रहते हैं. सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग कीटो, इंटरमिटेंट फास्टिंग और लिक्विड डाइट जैसी चीजों के बीच अब वॉटर डाइट भी लोगों का ध्यान खींच रही है. लेकिन क्या केवल पानी पीने से वजन कम हो सकता है? और क्या ये शरीर के लिए सेफ भी है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय.
वॉटर डाइट या वॉटर फास्टिंग एक ऐसा तरीका है जिसमें कुछ समय तक व्यक्ति सिर्फ पानी का सेवन करता है और किसी भी प्रकार की ठोस चीज नहीं लेता. ये डाइट आमतौर पर शरीर को डिटॉक्स करने, भूख को कंट्रोल करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने के लिए अपनाई जाती है.
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की चीफ डायटिशियन प्रिया पालीवाल के अनुसार, वॉटर फास्टिंग को बहुत सोच-समझकर और सीमित समय के लिए ही अपनाना चाहिए. ये शरीर को हल्का महसूस कराने और पाचन तंत्र को आराम देने में मदद कर सकती है, लेकिन इसका गलत तरीके से पालन गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है.
एनर्जी की कमी: लंबे समय तक भोजन न करने से कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है. ब्लड प्रेशर व शुगर गिरना: केवल पानी पर रहने से लो ब्लड प्रेशर और हाइपोग्लाइसीमिया (कम ब्लड शुगर) की समस्या हो सकती है. चक्कर और सिरदर्द: लगातार कमजोरी के कारण चक्कर आना या सिरदर्द की शिकायत हो सकती है. बीमार लोगों के लिए खतरा: डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ये डाइट बिल्कुल नहीं अपनानी चाहिए.
वॉटर फास्टिंग को ज्यादातर 1-2 दिन के लिए ही करना चाहिए. यो डाइट मेडिकल सुपरविजन में ही अपनाई जानी चाहिए. इस दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक मेहनत जैसे एक्सरसाइज से बचें और शरीर को भरपूर आराम दें. अगर कमजोरी, मतली या चक्कर जैसी कोई समस्या हो तो तुरंत डाइट बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें.
ये डाइट सभी के लिए सही नहीं होती. किसी भी तरह की एक्सपेरिमेंटल डाइट शुरू करने से पहले अपने शरीर की जरूरतों को समझें. बेहतर होगा कि डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेकर ही इसे अपनाएं.
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम सबसे बेहतर और सेफ तरीका है. वॉटर डाइट एक विकल्प हो सकती है, लेकिन इसे हल्के में न लें.