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योगिनी एकादशी 2024: जानिए पूजा मुहूर्त, विधि और इसके आध्यात्मिक लाभ क्या हैं?

योगिनी एकादशी का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है।

👤 Samachaar Desk 01 Jul 2024 09:02 PM

यह एकादशी व्रत हर साल आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस व्रत को करने से सभी पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस वर्ष योगिनी एकादशी 2024 को 6 जुलाई को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इसके पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व के बारे में विस्तार से।

योगिनी एकादशी पूजा मुहूर्त:

तिथि प्रारंभ: 5 जुलाई 2024 को रात 09:28 बजे

तिथि समाप्त: 6 जुलाई 2024 को रात 08:51 बजे

पूजा का शुभ मुहूर्त: 6 जुलाई 2024 को सुबह 07:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

पूजा विधि:

  1. स्नान एवं संकल्प: योगिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. साफ-सफाई: पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें और गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें।
  3. भगवान विष्णु की पूजा: भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं।
  4. पूजा सामग्री: रोली, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (फलों और मिठाई) आदि से पूजा करें।
  5. व्रत कथा का पाठ: योगिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें या सुनें।
  6. आरती: भगवान विष्णु की आरती करें और प्रसाद बांटें।

व्रत के नियम:

  • व्रती को निर्जला व्रत रखना चाहिए। अगर स्वास्थ्य कारणों से संभव नहीं है तो फलाहार कर सकते हैं।
  • व्रत के दौरान झूठ, चोरी, हिंसा आदि से दूर रहें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक जीवन जीने का प्रयास करें।

योगिनी एकादशी का महत्व:

योगिनी एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस व्रत को करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने का फल प्राप्त होता है।

योगिनी एकादशी का व्रत करने वाले को भगवान विष्णु की कृपा से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है और वे जीवन में सभी कष्टों से मुक्त हो जाते हैं।