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Benefits of Gond Laddu : दूध बढ़ाने से लेकर कमजोरी भगाने तक – ये लड्डू हैं कमाल!

Gond Laddu : डिलीवरी के बाद नई मां को ताकत और पोषण की सख्त जरूरत होती है. ऐसे में गोंद और मेवा से बने देसी लड्डू बेहद फायदेमंद होते हैं. ये लड्डू शरीर को रिकवरी में मदद करते हैं. आइए जानें ये कैसे बनते हैं-

👤 Samachaar Desk 26 May 2025 08:29 AM

Gond Laddu: मां बनना एक स्त्री के जीवन का सबसे बड़ा बदलाव होता है. लेकिन डिलीवरी के बाद का समय केवल खुशी ही नहीं, शरीर के लिए चैलेजिंग भी होता है. इस दौरान शरीर बेहद कमजोर हो जाता है, ब्लीडिंग और थकावट से शरीर को तुरंत एनर्जी और पोषण की जरूरत होती है. ऐसे में हमारी पारंपरिक रसोई से मिलने वाली देसी रेसिपीज नई माओं के लिए रामबाण साबित होती हैं.

इनमें सबसे खास होती है — गोंद और मेवा से बने पोषक लड्डू. ये लड्डू न सिर्फ नई मां के शरीर को ताकत देते हैं, बल्कि दूध के जरिए बच्चे तक भी जरूरी पोषक तत्व पहुंचाते हैं.

 दादी-नानी के नुस्खों में छिपा है आयुर्वेद

पुराने समय में जब मेडिकल सुविधाएं सीमित थीं, तब भी दादी-नानी जानती थीं कि एक नई मां को क्या चाहिए. वे खास गोंद, मेवा, नारियल और देसी घी से बने लड्डू बनाकर नई मां को खिलाती थीं. इन लड्डुओं से न केवल शरीर की रिकवरी होती थी, बल्कि ये पोस्ट पार्टम डिप्रेशन जैसी समस्याओं से भी बचाव करता था.

लड्डू बनाने के लिए जरूरी सामग्री

नई मां के लिए बनने वाले ये देसी लड्डू पूरी तरह से पोषण से भरपूर होते हैं. इन्हें बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री चाहिए:

 100 ग्राम: बादाम, काजू, अखरोट, किशमिश, खजूर, मगज के बीज, पिस्ता, कद्दूकस किया नारियल.

 50 ग्राम: खसखस.

 30 ग्राम: जीरा.

 8-10 हरी इलायची (पाउडर बना लें), 7-8 लौंग.

 100 ग्राम गोंद.

 750 ग्राम गुड़.

 उचित मात्रा में देसी घी.

लड्डू बनाने की आसान रेसिपी

 सबसे पहले गुड़ को छोटे टुकड़ों में तोड़ लें और सारे मेवों को बारीक काटकर तैयार करें.

 एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें गोंद डालकर कुरकुरा होने तक भूनें. फिर उसे क्रश कर लें.

 बचे हुए घी में सारे नट्स (बादाम, काजू, आदि) को फ्राई करें और अलग निकाल लें.

 उसी कड़ाही में नारियल और खसखस को हल्का भून लें.

 अब एक मोटे तले की कड़ाही में गुड़ को धीमी आंच पर पिघलाएं.

 इसमें भुने हुए नट्स, गोंद, नारियल, खसखस और भुना हुआ जीरा मिलाएं.

 मिश्रण के हल्का गर्म रहते ही हाथ से छोटे-छोटे लड्डू बनाएं.

कैसे रखें लड्डू ताकि लंबे समय तक ताजा रहें?

ये लड्डू 1-2 महीने तक खराब नहीं होते, आप इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें ताकि नमी न लगे. रोजाना एक लड्डू गुनगुने दूध के साथ लेने से नई मां को ताकत मिलती है और बच्चे को भी ब्रेस्टफीडिंग में पूरा पोषण मिल पाता है.

मातृत्व का सफर जितना भावनात्मक होता है, उतना ही शरीर के लिए demanding भी. लेकिन भारतीय पारंपरिक रसोई इस सफर को आसान बना देती है. गोंद और मेवा से बने ये लड्डू सिर्फ स्वाद ही नहीं, एक नई मां के लिए पोषण, ऊर्जा और आत्मबल का स्रोत भी हैं.