आजकल हर कोई फिट दिखना और हेल्दी रहना चाहता है। इसी वजह से लोग अपनी डाइट में प्रोटीन को बहुत ज्यादा महत्व देने लगे हैं। जिम, डाइट प्लान और प्रोटीन शेक अब रोजमर्रा का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन कई बार लोग बिना सही जानकारी के जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने लगते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होने के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम समझें कि कितना प्रोटीन सही है और कब यह ज्यादा हो रहा है।
अगर पेशाब का रंग बदल रहा है या उसमें झाग दिख रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ रहा है। ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
अगर आपको बिना वजह बार-बार प्यास लग रही है और शरीर सूखा लग रहा है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। ज्यादा प्रोटीन शरीर से पानी की मात्रा कम कर देता है।
कब्ज, गैस या दस्त जैसी दिक्कतें भी ज्यादा प्रोटीन लेने की वजह से हो सकती हैं। यह पाचन तंत्र पर असर डालता है।
अगर मुंह से अजीब सी बदबू आने लगी है, तो यह भी हाई-प्रोटीन डाइट का असर हो सकता है। यह तब होता है जब शरीर कार्बोहाइड्रेट की जगह फैट जलाने लगता है।
ज्यादा प्रोटीन लेने से भी वजन बढ़ सकता है। अतिरिक्त प्रोटीन शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं क्योंकि शरीर से कैल्शियम बाहर निकलने लगता है। इससे जॉइंट पेन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
हर व्यक्ति की प्रोटीन जरूरत अलग होती है, इसलिए अपनी उम्र, वजन और लाइफस्टाइल के अनुसार ही प्रोटीन लें। बिना डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह के सप्लीमेंट्स लेने से बचें।