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ट्रंप का बयान: “मार्को रूबियो क्यूबा के राष्ट्रपति? मुझे सुनकर अच्छा लगता है”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर मार्को रूबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बने, तो “उन्हें यह अच्छा लगता है।” ट्रंप ने क्यूबा को चेतावनी दी कि वे अमेरिका के साथ समझौता करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।

👤 Saurabh 11 Jan 2026 08:28 PM

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अगर मार्को रूबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनें, तो “उन्हें यह अच्छा लगता है।”” ट्रंप ने यह टिप्पणी Truth Social पर एक यूजर के संदेश को साझा करते हुए की, जिसमें लिखा गया था कि रूबियो क्यूबा का अगला राष्ट्रपति बनेंगे और ट्रंप ने उस पर प्रतिक्रिया में कहा “Sounds good to me!” यानी “मुझे यह अच्छा लगता है।”

हालांकि, विशेषज्ञों और कूटनीति विश्लेषकों का कहना है कि इसका कोई आधिकारिक अमेरिकी नीति या कूटनीति योजना से कोई लेना‑देना नहीं है। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा लगता है, न कि किसी वास्तविक बदलाव या योजना का संकेत।

अमेरिका‑लैटिन अमेरिका तनाव के बीच आया बयान

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और कई लैटिन अमेरिकी देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका ने वेनेज़ुएला में एक सैन्य अभियान किया, जिसमें वहां के राष्ट्रपति निकोलस मैडूरो को हिरासत में लेने की खबरें आईं। इस घटना के बाद ट्रंप ने कई देशों के बारे में कड़े बयान दिए हैं और क्षेत्र में अपनी नीति को सख्त बनाने की बात कही है।

मार्को रूबियो, जो अमेरिका के विदेश सचिव हैं और जिनके माता‑पिता क्यूबा से निकले थे, लैटिन अमेरिका नीति में एक प्रभावशाली बदलाव की दिशा में आवाज उठाते रहे हैं। हालांकि रूबियो खुद स्पष्ट कर चुके हैं कि वे किसी देश को सीधे नियंत्रित करने या उसके नेता बनने का दावा नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने क्यूबा सरकार के प्रति अपनी कड़ी रुख की बातें कही हैं।

क्यूबा को चेतावनी: ‘समझौता करो, बहुत देर से पहले’

ट्रंप ने क्यूबा को साफ चेतावनी भी दी है कि अगर वह संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ डील नहीं करेगा, तो उसे भविष्य में तेल और आर्थिक मदद नहीं मिलेगी। ट्रंप का कहना है कि क्यूबा लंबे समय तक वेनेज़ुएला के तेल और पैसा पर निर्भर रहा है, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। उन्होंने लिखा है कि ऐसी स्थिति में क्यूबा को अमेरिका के साथ समझौता करने की सलाह दी जाती है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।

क्यूबा पर यह बयान तब आया है जब वहां की अर्थव्यवस्था पहले से ही तंगी का सामना कर रही है और उसने वेनेज़ुएला से तेल और वित्तीय सहायता के स्रोत खो दिए हैं। इस कारण, ट्रंप का कहना है कि क्यूबा अब आर्थिक संकट के कगार पर है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सीधे मामले का पतन या जल्द‑ब–जल्द हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है।

प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

लातिन अमेरिकी देशों ने ट्रंप के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कोलम्बिया के राष्ट्रपति गुस्टावो पेट्रो ने अमेरिका पर हमला करने जैसा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि देशों को किसी बाहरी शक्ति के “सेवक” नहीं बनना चाहिए। क्यूबा के अधिकारी भी किसी विदेशी हस्तक्षेप को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

लेकिन, ट्रंप के “रूबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति” जैसा बयान फिलहाल केवल सोशल मीडिया की अटकलें और राजनीतिक नाटक जैसा ही है; इसका कोई ठोस आधार या आधिकारिक नीति का समर्थन नहीं मिला है।