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डीपफेक और Revenge Porn वालों की अब खैर नहीं! ट्रंप ने बिल पर किया साइन, जानें क्या होगा एक्शन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 19 मई 2025 को अपनी पत्नी और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ ‘टेक इट डाउन एक्ट’ पर साइन कर दिए. यह कानून इंटरनेट पर बिना अनुमति के निजी और अंतरंग तस्वीरें साझा करने यानी 'रेवेंज पॉर्न' के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करता है.

👤 Sagar 20 May 2025 02:16 PM

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 19 मई 2025 को अपनी पत्नी और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ ‘टेक इट डाउन एक्ट’ पर साइन कर दिए. यह कानून इंटरनेट पर बिना अनुमति के निजी और अंतरंग तस्वीरें साझा करने यानी 'रेवेंज पॉर्न' के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करता है. इस कानून को पास करवाने में मेलानिया ट्रंप की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने मार्च में बतौर प्रथम महिला अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में कैपिटल हिल जाकर सांसदों से इस बिल के समर्थन की अपील की थी.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को मीडिया से कहा, 'फर्स्ट लेडी ने इस अहम कानून को पास कराने में निर्णायक भूमिका निभाई. नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी की अंतरंग तस्वीरें. चाहे असली हों या AI से बनाई गई डीपफेक. उसकी सहमति के बिना अपलोड करता है या उसकी धमकी देता है, तो अब वह फेडरल अपराध माना जाएगा. इसके साथ ही वेबसाइटों और सोशल मीडिया कंपनियों को 48 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री हटानी होगी और उसकी कॉपीज़ भी डिलीट करनी होंगी.

क्या है कानून की अहमियत?

हालांकि अमेरिका के कई राज्यों में पहले से ही रेवेंज पॉर्न और डीपफेक्स पर पाबंदी है, लेकिन ‘टेक इट डाउन एक्ट’ इंटरनेट कंपनियों पर केंद्र सरकार की सीधी सख्ती का एक दुर्लभ उदाहरण है.

इस बिल को सीनेटर टेड क्रूज़ (रिपब्लिकन - टेक्सास) और एमी क्लोबुचार (डेमोक्रेट - मिनेसोटा) ने प्रस्तुत किया था। इसे कांग्रेस में दोनों दलों का ज़बरदस्त समर्थन मिला- हाउस में यह बिल 409-2 मतों से पास हुआ और सीनेट ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी.

आलोचनाएं भी सामने आईं

हालांकि यह बिल सुरक्षा और निजता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, डिजिटल अधिकारों से जुड़े समूहों और अभिव्यक्ति की आज़ादी के पैरोकारों ने इस पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह कानून बहुत व्यापक है और इससे वैध कंटेंट जैसे कि कानूनी रूप से बनाई गई अश्लील सामग्री या LGBTQ समुदाय से जुड़ी तस्वीरों को भी सेंसर किया जा सकता है. कुछ आलोचकों का यह भी कहना है कि यह सरकार को निजी संचार पर नज़र रखने और न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करने का रास्ता दे सकता है.

मेलानिया का मानवीय पक्ष

प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने बिल पास होने से पहले कैपिटल हिल में पीड़ित युवतियों और सांसदों के साथ एक गोलमेज चर्चा में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने कहा, 'यह दिल तोड़ने वाला है कि आज के समय में खासकर किशोर लड़कियों को इस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है. इसके बाद उन्होंने पीड़ितों में से एक को राष्ट्रपति के कांग्रेस संबोधन में विशेष अतिथि के तौर पर भी आमंत्रित किया.

बिल के पास होने के बाद मेलानिया ने इसे एक 'शक्तिशाली संदेश' बताया और कहा कि, "हम अपने बच्चों की गरिमा, निजता और सुरक्षा को लेकर एकजुट हैं. यह कानून उनकी ‘Be Best’ मुहिम की अगली कड़ी है, जो बच्चों की भलाई, सोशल मीडिया के उपयोग और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर शुरू की गई थी.

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान

मार्च में कांग्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था, 'इस तरह की तस्वीरों का ऑनलाइन प्रसारण बेहद शर्मनाक है और वे इस कानून पर साइन करने को लेकर उत्साहित हैं.' मजाकिया लहजे में उन्होंने यह भी जोड़ा, "और अगर आप लोगों को ऐतराज न हो, तो मैं इस कानून का इस्तेमाल अपने लिए भी करूंगा. मुझसे बुरा किसी के साथ ऑनलाइन बर्ताव नहीं होता.