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शशि' पे क्यों लट्टू हुई मोदी सरकार? कांग्रेस बोली– हमारे भेजे नाम गए कहां, दुनिया को झकझोरने निकले 7 सांसद

भारत-पाक तनाव के बीच जहां एक ओर कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बयानों को लेकर पार्टी के अंदर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने उन्हें एक अहम कूटनीतिक मिशन पर भेजने का फैसला किया है.

👤 Sagar 17 May 2025 11:29 AM

भारत-पाक तनाव के बीच जहां एक ओर कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने बयानों को लेकर पार्टी के अंदर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने उन्हें एक अहम कूटनीतिक मिशन पर भेजने का फैसला किया है. थरूर अब अमेरिका की अगुवाई वाले बहुपक्षीय सांसद प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसका मकसद है भारत के खिलाफ हो रहे सीमापार आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक समर्थन जुटाना.

इस प्रतिनिधिमंडल को भारत सरकार ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तैयार किया है, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी. इस हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने जवाबी कार्रवाई की, जिसने दुनियाभर में हलचल मचा दी. अब सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाना चाहती है.

कांग्रेस बोली– हमारे भेजे नाम गए कहां?

सरकार द्वारा चुने गए सात सांसदों की टीम को अलग-अलग देशों में भेजा जा रहा है. इन नेताओं की ज़िम्मेदारी है कि भारत के पास मौजूद पुख्ता सबूतों को विदेशी सरकारों और वैश्विक मंचों पर पेश करें और पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करें. हालांकि कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि सरकार ने जिन चार नामों की मांग की थी, उनमें थरूर का नाम शामिल नहीं था. फिर भी केंद्र ने थरूर को प्रमुख चेहरा बनाकर भेजने का फैसला किया. 

क्या बोले थरूर?

इस पर खुद थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं भारत सरकार के आमंत्रण को सम्मानपूर्वक स्वीकार करता हूं. जब राष्ट्रहित दांव पर हो, तब मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा. जय हिंद. थरूर का यह मिशन सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, वे पांच अंतरराष्ट्रीय राजधानियों में भारत की बात रखेंगे.

जिसमें आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य सफलता, और पाकिस्तान को अलग-थलग करने जैसे मुद्दे शामिल होंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है, और आतंकवाद पर वैश्विक नीति में निर्णायक प्रभाव डालना चाहता है.