सरकार ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) जून 2024 परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया है। इस निर्णय से छात्रों और शैक्षणिक जगत में हलचल मच गई है। यूजीसी-नेट परीक्षा, जो सहायक प्रोफेसर बनने और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है, को अचानक रद्द करने का मुख्य कारण परीक्षा में अनियमितताओं की रिपोर्ट्स को बताया जा रहा है।
सरकार ने अपने बयान में बताया कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी पाई गई थी। कई छात्रों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक खामियों की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनमें पेपर लीक होने की संभावना, तकनीकी गड़बड़ी, और परीक्षा केंद्रों में अनुचित व्यवहार शामिल थे। इन सभी कारणों के मद्देनजर परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय के बाद छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ छात्रों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि परीक्षा की सत्यनिष्ठा को बनाए रखने के लिए यह जरूरी था। वहीं, कुछ छात्रों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है क्योंकि उन्होंने इस परीक्षा के लिए काफी मेहनत की थी और अब उनके समय और प्रयास बेकार हो गए हैं।