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चांदी ने तोड़ दिया हर रिकॉर्ड! MCX पर ₹3 लाख पार, क्या अब ₹3.20 लाख तक जाएगी कीमत?

Silver Rate Today: MCX पर चांदी अब तक के सबसे महंगे स्तर पर पहुंच गई है. चांदी की कीमत ₹3,01,315 प्रति किलो का रिकॉर्ड बना चुकी है. दुनिया में बढ़ते तनाव, खासकर ग्रीनलैंड पर टैक्स लगाने की धमकी और फैक्ट्रियों व उद्योगों में चांदी की बढ़ती जरूरत की वजह से इसके दाम तेजी से बढ़े हैं.

👤 Ashwani Kumar 19 Jan 2026 10:37 AM

Silver Rate Today: देश के कमोडिटी बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. MCX पर मार्च महीने की चांदी एक ही दिन में करीब ₹13,550 महंगी हो गई. यानी चांदी के दाम 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए और भाव सीधे ₹3,01,315 प्रति किलो तक पहुंच गया.

चांदी के दाम अचानक इसलिए बढ़े हैं क्योंकि दुनिया में हालात ठीक नहीं चल रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर टैक्स (टैरिफ) लगाने की बात कही है. इससे पूरी दुनिया के बाजारों में डर का माहौल बन गया है. जब ऐसे हालात होते हैं, तो लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना और चांदी जैसी सुरक्षित चीजों में निवेश करने लगते हैं. इसी वजह से चांदी इतनी महंगी हो गई.

सोना भी महंगा हुआ

चांदी के साथ-साथ सोने के दाम भी तेजी से बढ़े हैं. MCX पर फरवरी महीने का सोना करीब ₹3,000 महंगा हो गया. अब सोने की कीमत ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.

विदेशों में भी यही स्थिति है. सिंगापुर में सुबह के कारोबार के दौरान सोने के दाम करीब 1.6 फीसदी बढ़कर 4,668 डॉलर प्रति औंस तक चले गए. थोड़ी देर के लिए सोना 4,690 डॉलर के आसपास भी पहुंच गया था.

वहीं चांदी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी जबरदस्त तेजी दिखाई. चांदी के दाम करीब 3.2 फीसदी बढ़े और यह 93 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई. कुछ समय के लिए चांदी 94 डॉलर से ऊपर भी चली गई.

आगे कहां तक जा सकती है चांदी

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट या ठहराव ट्रेंड में बदलाव का संकेत नहीं है. एनरिच मनी के सीईओ पॉनमुदी आर के अनुसार, COMEX पर चांदी ने ऊपरी स्तरों से हल्का सुधार जरूर दिखाया है, लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही तेजी के बाद मुनाफावसूली का नतीजा है. मजबूत औद्योगिक मांग और सीमित सप्लाई अभी भी चांदी को सहारा दे रही है.

MCX पर 2,80,000 से 2,83,000 रुपये का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है. वहीं 2,95,000 रुपये के ऊपर टिकने पर कीमतें 3,05,000 से 3,20,000 रुपये तक तेजी से बढ़ सकती हैं.

तकनीकी संकेत क्या कहते हैं

सेबी-पंजीकृत कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, चांदी ने 93 डॉलर प्रति औंस के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट दिया है. अगर यह स्तर कुछ समय तक बरकरार रहता है, तो निकट अवधि में 95 डॉलर और आगे चलकर 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

क्यों बनी हुई है चांदी की मजबूत मांग

चांदी की तेजी सिर्फ जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से नहीं है. इसका बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग भी है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण और बैटरियों जैसे सेक्टर में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. एआई और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के विस्तार के साथ इसकी खपत और बढ़ने की उम्मीद है.

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के मुकाबले चांदी की औद्योगिक खपत ज्यादा होती है और यह वापस बाजार में नहीं लौटती, जिससे लंबे समय में सप्लाई का दबाव और कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है.