भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर हाल ही में बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचे. उनका यह दौरा किसी आधिकारिक कूटनीतिक बैठक के लिए नहीं था, बल्कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के उद्देश्य से था. खालिदा जिया का हाल ही में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, जिसके चलते ढाका में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
इस शोक कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे. भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से संवेदनाएं व्यक्त कीं.
अंतिम संस्कार के बाद एस जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया शोक संदेश पत्र तारिक रहमान को सौंपा.
इस मुलाकात को भारत-बांग्लादेश के बीच पारंपरिक कूटनीतिक शिष्टाचार के रूप में देखा गया. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य शोक संवेदना व्यक्त करना था, न कि किसी राजनीतिक या रणनीतिक मुद्दे पर चर्चा करना.
हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एक और घटना ने लोगों का ध्यान खींच लिया. एस जयशंकर की मुलाकात वहां मौजूद पाकिस्तान के एक वरिष्ठ नेता से हुई. जैसे ही इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
खास बात यह रही कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात मानी जा रही है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर यह मुलाकात क्यों हुई.
एस जयशंकर जिन पाकिस्तानी नेता से मिले, उनका नाम सरदार अयाज सादिक है. वे पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर हैं और देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं. पाकिस्तान की राजनीति में उनका प्रभावशाली स्थान माना जाता है.
दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आने के बाद कयास लगाए जाने लगे कि क्या भारत-पाकिस्तान के बीच किसी तरह की बैक-डोर डिप्लोमेसी शुरू हो रही है.
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर साफ किया गया है कि एस जयशंकर और सरदार अयाज सादिक की यह मुलाकात पूरी तरह अनौपचारिक थी. दोनों के बीच किसी भी तरह की द्विपक्षीय बातचीत या राजनीतिक चर्चा नहीं हुई.
गौर करने वाली बात यह भी है कि इस मुलाकात को लेकर भारत या पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान या तस्वीर जारी नहीं की गई. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह महज एक औपचारिक अभिवादन था, जो एक सार्वजनिक शोक कार्यक्रम के दौरान हुआ.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 30 दिसंबर 2025 को सुबह 80 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. उनके निधन की खबर से पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ गई थी.
माणिक मिया एवेन्यू पर हुए जनाजे में ढाका समेत फेनी, ब्रह्मणबरिया, मैमनसिंह, कुमिल्ला, गाजीपुर, मुंशीगंज और नारायणगंज जिलों से लोग बसों, ट्रकों और लॉरियों में सवार होकर पहुंचे. सुबह से ही इलाके में लाउडस्पीकर पर कुरान की आयतें गूंज रही थीं.
ठंड के मौसम के बावजूद लोगों की आंखें नम थीं. खालिदा जिया को उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बगल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया.
कुल मिलाकर, ढाका में हुई एस जयशंकर और पाकिस्तानी नेता की मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार तक सीमित माना जा रहा है. हालांकि, भारत-पाकिस्तान संबंधों की संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर चर्चा होना स्वाभाविक है. फिलहाल किसी तरह की कूटनीतिक पहल या राजनीतिक संदेश की पुष्टि नहीं हुई है.