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ऑपरेशन सिंदूर जारी है! 35 मिनट में मोदी ने ट्रंप को सुनाया पूरा सच, ठुकराया US का न्योता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीब 35 मिनट की फोन कॉल में ऑपरेशन सिंदूर, भारत-पाक संघर्ष और अमेरिकी मध्यस्थता को लेकर खुलकर बातचीत हुई.

👤 Sagar 18 Jun 2025 12:03 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 35 मिनट की फोन बातचीत में मोदी ने साफ शब्दों में ट्रंप के उस दावे को झूठा करार दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाया था. पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी स्तर पर न तो कोई ट्रेड डील की बात हुई और न ही कोई मध्यस्थता की पेशकश स्वीकार की गई. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बातचीत के बाद यही बात मीडिया के सामने रखी.

मोदी ने ट्रंप को यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत की अमेरिका से एकमात्र आधिकारिक बातचीत 9 मई को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई थी. उस समय वेंस ने भारत को चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान बड़ा हमला कर सकता है, जिस पर पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि ऐसा हुआ, तो भारत और बड़ा जवाब देगा.'

ऑपरेशन पर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 9-10 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया, जिससे उनकी कई एयरबेस निष्क्रिय हो गईं. भारत का जवाब स्पष्ट, संतुलित और सैन्य दृष्टि से बेहद सटीक था. पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया गया कि गोली का जवाब बम से मिलेगा.ट्रंप ने मोदी से अनुरोध किया था कि वे कनाडा से लौटते समय अमेरिका में रुकें, लेकिन मोदी ने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार क्रोएशिया की यात्रा को प्राथमिकता दी. यह कदम भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और कूटनीतिक मजबूती का प्रतीक माना गया, क्योंकि आमतौर पर अमेरिका के निमंत्रण को देश ठुकराते नहीं हैं.

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-पाक के बीच युद्धविराम की कोई बातचीत अमेरिका के जरिए नहीं हुई, बल्कि यह पाकिस्तान की खुद की अपील पर दोनों सेनाओं के बीच बनी सहमति से हुआ था. मोदी ने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत अब आतंकवाद को 'प्रॉक्सी वॉर' नहीं बल्कि सीधे युद्ध के तौर पर देखता है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत आतंकवाद के खिलाफ अपना एक्शन जारी रखेगा. अंत में, मोदी ने ट्रंप को अगली क्वाड बैठक में भारत आने का न्योता दिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया.