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रेलवे का बड़ा झटका! अब टिकट कैंसिल करते ही कटेगा भारी पैसा, जानिए नए नियम

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियम बदले हैं। अब रिफंड समय के आधार पर मिलेगा—72 घंटे पहले ज्यादा रिफंड, 8 घंटे से कम पर कोई रिफंड नहीं।

👤 Samachaar Desk 24 Mar 2026 01:48 PM

भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकटों के कैंसिलेशन (रद्द करने) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब रिफंड और जुर्माना इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने ट्रेन के रवाना होने से कितने समय पहले टिकट रद्द किया है। ये नए नियम यात्रियों के लिए ज्यादा स्पष्ट हैं, लेकिन जैसे-जैसे यात्रा का समय नजदीक आता है, नियम भी सख्त हो जाते हैं।

नई व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो उसे सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में सिर्फ एक तय कैंसिलेशन चार्ज काटा जाएगा और बाकी पैसा वापस कर दिया जाएगा। ये नियम उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो समय रहते अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं।

72 से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर क्या होगा?

अगर टिकट 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो रेलवे किराए का 25% हिस्सा काटेगा। इसके साथ ही एक न्यूनतम कैंसिलेशन चार्ज भी लागू होगा।

इस समय सीमा में कैंसिल करने पर यात्रियों को पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

24 से 8 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर बढ़ेगा जुर्माना

अगर कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो किराए का 50% हिस्सा काट लिया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कटौती भी न्यूनतम चार्ज के अधीन होगी, यानी तय सीमा से कम नहीं हो सकती।

नए नियमों के अनुसार, अगर टिकट 8 घंटे से कम समय पहले कैंसिल किया जाता है, तो यात्री को कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यह नियम यात्रियों को समय से पहले निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करता है और आखिरी समय पर टिकट रद्द करने से रोकता है।

नए नियम कब से लागू होंगे?

भारतीय रेलवे इन नए नियमों को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। यानी धीरे-धीरे सभी ट्रेनों और बुकिंग सिस्टम में यह बदलाव नजर आएगा।

रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए एक और सुविधा शुरू की है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन शहरों के लिए फायदेमंद है जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं। इससे यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं।

बदलाव के पीछे क्या है वजह?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह बदलाव टिकट दलालों (टाउट्स) पर रोक लगाने के लिए किया गया है। पहले एजेंट्स बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और यात्रा से ठीक पहले उन्हें कैंसिल करके रिफंड ले लेते थे।

अब नए नियमों के कारण ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा, पहले जहां रोजाना 400-500 टिकट कन्फर्मेशन रिक्वेस्ट आती थीं, अब यह घटकर लगभग 150 रह गई हैं।

पहले क्या थे कैंसिलेशन नियम?

नए नियमों से पहले:

48 घंटे से पहले कैंसिलेशन पर फिक्स चार्ज लगता था (जैसे AC क्लास में तय फीस) 48 से 12 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 25% किराया कटता था 12 से 4 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50% किराया काटा जाता था

पहले नियम ज्यादा सरल थे, लेकिन अब उन्हें समय के हिसाब से ज्यादा सटीक और सख्त बनाया गया है।