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Zomato Platform Fee: हर ऑर्डर पर जेब ढीली! Zomato ने चुपचाप बढ़ा दी फीस, अब हर क्लिक पड़ेगा महंगा

Zomato Platform Fee: Zomato ने चुपचाप एक छोटा बदलाव किया लेकिन इसका असर हर ऑर्डर पर पड़ेगा। फीस बढ़ी है… वजह लागत या कुछ और? ग्राहक अब हर क्लिक पर ज्यादा भुगतान करेंगे।

👤 Samachaar Desk 21 Mar 2026 03:02 PM

Zomato Platform Fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवा Zomato ने एक बार फिर अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है। अब ग्राहकों को प्रति ऑर्डर 12.50 रुपये की जगह 14.90 रुपये चुकाने होंगे। यानी हर ऑर्डर पर 2.40 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह नई दर पिछले शुक्रवार से लागू हो गई है। / प्लेटफॉर्म फीस वह निश्चित शुल्क है, जो हर ग्राहक से लिया जाता है, चाहे ऑर्डर की कीमत कुछ भी हो। यह डिलीवरी चार्ज से अलग होती है। जहां डिलीवरी फीस डिलीवरी पार्टनर को दी जाती है, वहीं प्लेटफॉर्म फीस सीधे कंपनी के पास जाती है। यह फीस पहले से तय होती है और ऑर्डर की राशि पर निर्भर नहीं करती।

कंपनियां क्यों लेती हैं यह शुल्क?

फूड डिलीवरी कंपनियां अपने ऐप के संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए इस शुल्क को लागू करती हैं। इसके अलावा, यह उनके मुनाफे का भी एक अहम हिस्सा होता है। हाल के समय में इंडस्ट्री में बढ़ती लागत के कारण कंपनियां अपने मार्जिन को संतुलित रखने के लिए ऐसी फीस में बदलाव कर रही हैं।

प्रतिस्पर्धा में अन्य कंपनियों की स्थिति

Swiggy, जो Zomato की प्रमुख प्रतिद्वंदी है, वह भी फिलहाल हर ऑर्डर पर करीब 14.99 रुपये (जीएसटी सहित) प्लेटफॉर्म फीस ले रही है। इससे साफ है कि पूरी इंडस्ट्री में फीस बढ़ाने का रुझान देखने को मिल रहा है।

फीस बढ़ाने की वजह

पिछले कुछ वर्षों में Zomato ने धीरे-धीरे इस शुल्क को बढ़ाया है। मौजूदा बढ़ोतरी के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स लागत में इजाफा एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कंपनी इन बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए यह कदम उठा रही है, जिससे ग्राहकों के लिए कुल ऑर्डर लागत थोड़ी बढ़ सकती है।

कंपनी को कितना होगा लाभ?

जानकारी के मुताबिक, प्रति ऑर्डर 2.40 रुपये की इस बढ़ोतरी से कंपनी को हर तिमाही लगभग 64 से 65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा हो सकता है। इससे कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।