अक्सर लोगों के पास ऐसे नोट आ जाते हैं जो फटे हुए, बहुत गंदे या रंग लगे होते हैं. कई बार एटीएम से भी इस तरह के नोट निकल जाते हैं. ऐसे नोटों को देखकर दुकानदार लेने से मना कर देते हैं और आम लोग परेशान हो जाते हैं. बहुत से लोगों को यह पता ही नहीं होता कि इन नोटों को बैंक से बदला जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए साफ नियम बनाए हैं, जिन्हें जानना हर नागरिक के लिए जरूरी है.
RBI के नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक बार में बैंक काउंटर पर अधिकतम 20 नोट बदलवा सकता है. इन नोटों की कुल कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर यह शर्त पूरी होती है, तो बैंक उसी समय नकद भुगतान कर देता है.
अगर नोटों की कुल कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा है, तो बैंक नोट तो ले लेता है, लेकिन पैसा सीधे खाते में जमा करता है. बहुत ज्यादा राशि, जैसे 50,000 रुपये से ऊपर के नोट बदलवाने पर प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है.
कटे-फटे या गंदे नोट बदलने के लिए बैंक कोई फीस नहीं लेता. RBI ने साफ कहा है कि यह सेवा मुफ्त है. हालांकि यह बात नोट की हालत पर निर्भर करती है कि पूरा पैसा मिलेगा या नहीं.
अगर नोट ज्यादा खराब नहीं है और उसके जरूरी सुरक्षा चिन्ह साफ दिखाई दे रहे हैं, तो बैंक पूरा पैसा दे सकता है. लेकिन अगर नोट बहुत ज्यादा फटा या खराब है, तो उसकी कीमत कम आंकी जा सकती है.
अगर कोई नोट पूरी तरह जल चुका है, बहुत ज्यादा गल चुका है या जानबूझकर खराब किया गया है, तो बैंक उसे बदलने से मना कर सकता है. इसके अलावा जिन नोटों की पहचान करना मुश्किल हो, उन पर भी बैंक आपत्ति जता सकता है.
हालांकि RBI के नियम कहते हैं कि सामान्य स्थिति में कोई भी बैंक ग्राहक के कटे-फटे या गंदे नोट लेने से इनकार नहीं कर सकता. नोट का जो हिस्सा बचा है, उसी के आधार पर उसकी कीमत तय की जाती है.
RBI के नियमों के अनुसार 1 रुपये से लेकर 20 रुपये तक के नोटों में किसी तरह की कटौती नहीं की जाती. चाहे नोट थोड़ा फटा या गंदा ही क्यों न हो, पूरा पैसा दिया जाता है. 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोटों में उनकी हालत देखकर फैसला किया जाता है. नोट जितना ज्यादा सुरक्षित और साफ होगा, उतना ज्यादा पैसा मिलने की संभावना रहती है.